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अरिजीत के संन्यास पर श्रेया घोषाल का बड़ा बयान, बोलीं-” नई उड़ान की शुरुआत…”

अरिजीत के संन्यास पर श्रेया घोषाल का बड़ा बयान, बोलीं-” नई उड़ान की शुरुआत…”
अरिजीत के संन्यास पर श्रेया घोषाल का बड़ा बयान (Pic Credit- X @pratyush_no7)

अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास का एलान कर संगीत जगत को चौंका दिया। श्रेया घोषाल ने इसे अंत नहीं, बल्कि नए दौर की शुरुआत बताया। फैंस भावुक हैं, लेकिन उम्मीद है कि अरिजीत नए रूप में संगीत से जुड़े रहेंगे।

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Dipali Kumari
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Arijit Singh Retirement: 27 जनवरी की देर रात सिनेमा और संगीत प्रेमियों के लिए एक ऐसी खबर सामने आई, जिसने हर किसी को ठिठका दिया। अपनी आवाज़ से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले लोकप्रिय गायक अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने का एलान कर दिया। यह घोषणा जितनी अप्रत्याशित थी, उतनी ही भावनात्मक भी।

अरिजीत सिंह ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए यह जानकारी साझा की। पोस्ट सामने आते ही फैंस, संगीतकारों और फिल्मी हस्तियों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कोई इसे यकीन नहीं कर पा रहा था, तो कोई इस फैसले के पीछे की वजह जानने को बेचैन दिखा।

सुरों की दुनिया का सबसे भरोसेमंद नाम

पिछले एक दशक से भी अधिक समय तक अरिजीत सिंह ने हिंदी सिनेमा में भावनाओं को आवाज़ दी। रोमांस हो, विरह हो या आत्मचिंतन, अरिजीत की गायकी हर मूड की पहचान बन गई। उनकी आवाज़ में एक सादगी थी, जो सीधे दिल से जुड़ जाती थी।

आज की तारीख में शायद ही कोई ऐसा संगीत प्रेमी होगा, जिसकी प्लेलिस्ट में अरिजीत का गाना न हो। यही वजह है कि उनके संन्यास की खबर सिर्फ एक कलाकार के रिटायरमेंट तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे एक दौर के थम जाने की तरह देखा गया।

श्रेया घोषाल की प्रतिक्रिया, ‘यह अंत नहीं, नई शुरुआत है’

अरिजीत सिंह के फैसले पर सबसे चर्चित प्रतिक्रिया उनकी साथी गायिका श्रेया घोषाल की रही। उन्होंने इस संन्यास को ‘युग का अंत’ मानने से साफ इनकार कर दिया।

श्रेया ने लिखा कि यह अरिजीत के करियर का एक नया अध्याय है। उन्होंने यह भी कहा कि अरिजीत जैसे प्रतिभाशाली कलाकार को किसी तय ढांचे में बांधा नहीं जा सकता। उनके मुताबिक, यह समय उनके लिए खुद को नए रूप में तलाशने का है।

यह प्रतिक्रिया इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि श्रेया और अरिजीत की जोड़ी ने हिंदी सिनेमा को कई यादगार गीत दिए हैं।

क्या वाकई संगीत से दूरी बना रहे हैं अरिजीत?

अरिजीत सिंह के संन्यास की घोषणा के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या वह संगीत से पूरी तरह दूरी बना रहे हैं। हालांकि, उनके बयान में कहीं भी यह नहीं कहा गया कि वह संगीत को अलविदा कह रहे हैं।

इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि अरिजीत संभवतः प्लेबैक सिंगिंग से हटकर स्वतंत्र संगीत, लाइव परफॉर्मेंस या नई विधाओं की ओर कदम बढ़ा सकते हैं। आज के दौर में जब कलाकार खुद को नए रूपों में अभिव्यक्त करना चाहते हैं, अरिजीत का फैसला उसी दिशा की ओर इशारा करता है।

फैंस की भावनात्मक प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर अरिजीत सिंह के फैंस भावुक नजर आए। किसी ने लिखा कि उनकी आवाज़ ने मुश्किल वक्त में सहारा दिया, तो किसी ने कहा कि उनके गानों के बिना हिंदी फिल्में अधूरी लगेंगी।

हालांकि, इसी बीच एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है जो इस फैसले को सकारात्मक रूप में देख रहा है। फैंस को उम्मीद है कि अरिजीत अब ऐसी रचनात्मक आज़ादी के साथ काम करेंगे, जहां उनका असली संगीत और भी निखर कर सामने आएगा।

श्रेया घोषाल और अरिजीत सिंह की यादगार जुगलबंदी

अगर हिंदी सिनेमा की सफल गायन जोड़ियों की बात हो, तो श्रेया घोषाल और अरिजीत सिंह का नाम शीर्ष पर आता है। दोनों की आवाज़ें एक-दूसरे के साथ सहजता से घुलती रही हैं।

उनके कुछ चर्चित गीतों में

  • तेरे हवाले (लाल सिंह चड्ढा)
  • तुम क्या मिले (रॉकी और रानी की प्रेम कहानी)
  • मनवा लागे (हैप्पी न्यू ईयर)
  • रात भर (हीरोपंती)
  • वे कमलेया (रॉकी और रानी की प्रेम कहानी)

ये गीत आज भी श्रोताओं की पहली पसंद बने हुए हैं।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।