अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा पत्र, छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ मुआवजा और शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी की मांग

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Abhijeet Dipke Letter to PM Modi: NEET परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कई बड़ी मांगें उठाई हैं। दीपके ने दावा किया है कि हाल के दिनों में कई NEET अभ्यर्थियों ने आत्महत्या की है। उन्होंने ऐसे छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग की है।
एक सप्ताह में 11 NEET उम्मीदवारों ने की आत्महत्या
प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में अभिजीत दीपके ने कहा कि देश के छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य गंभीर संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने लिखा कि पिछले एक सप्ताह में 11 NEET उम्मीदवारों ने आत्महत्या की है, जिनमें से पांच घटनाएं पिछले 48 घंटों के भीतर हुईं। दीपके का आरोप है कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा विवादों और कथित अनियमितताओं के कारण छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है और उन पर मानसिक दबाव बढ़ा है।
Open Letter to PM:
We urge PM @narendramodi to provide ₹1 crore in compensation to the families of students who died by suicide due to the paper leak crisis. pic.twitter.com/p6gOuNRvsT
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) June 19, 2026
पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग
पत्र में उन्होंने उन परिवारों की स्थिति का भी जिक्र किया, जिन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए बड़ी रकम खर्च की या शिक्षा ऋण लिया था। दीपके ने कहा कि बच्चों की मौत के बाद ये परिवार न केवल गहरे भावनात्मक सदमे में हैं, बल्कि आर्थिक संकट का भी सामना कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि परीक्षा से जुड़े विवादों के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
अभिजीत दीपके ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पिछले एक महीने से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है और इस मुद्दे को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन भी कर रही है। दीपके का कहना है कि बार-बार सामने आ रही व्यवस्थागत खामियां, कुप्रबंधन और परीक्षा को लेकर बढ़ती चिंता शिक्षा व्यवस्था की गंभीर चुनौतियों को दिखाती हैं।
पत्र के अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि छात्रों और उनके परिवारों के हित में ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही शिक्षा मंत्री को पद से हटाकर जिम्मेदारी तय की जाए। इस पत्र के बाद NEET परीक्षा और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है।

