राम मंदिर चढ़ावा मामला: 8 आरोपियों के घर में पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी, करीब 80 लाख नगद बरामद

राम मंदिर चढ़ावा मामले में पुलिस ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान करीब 79.85 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। मामले की जांच लगातार जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी हुई है।
विषयसूची
Ram Mandir Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावा मामले में पुलिस ने आज रविवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने 79 लाख 85 हजार रुपये से ज्यादा की नकदी बरामद की है। इसके अलावा कई जरूरी दस्तावेज और अन्य सामान भी जब्त किया गया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि बरामद पैसे का इस्तेमाल कहां किया जाना था और इसका पूरा हिसाब-किताब क्या है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
VIDEO | Uttar Pradesh: Police raid homes of eight accused in the Ayodhya Ram Temple embezzlement case; recover Rs 79.85 lakh.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/jtKQYjATqc
— Press Trust of India (@PTI_News) June 28, 2026
ट्रस्ट के महासचिव ने दिया इस्तीफा
इस बीच राम मंदिर ट्रस्ट ने शनिवार को जानकारी दी कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि ट्रस्ट की ओर से इस्तीफे की वजह के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
क्या है पूरा मामला ?
मालूम हो यह मामला 7 जून को चर्चा में आया था, जब समाजवादी पार्टी के नेता तेज नारायण ‘पवन’ पांडेय ने आरोप लगाया था कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की 5 से 7.5 करोड़ रुपये की राशि में गड़बड़ी हुई है। इसके बाद मामला तेजी से बढ़ा और मंदिर ट्रस्ट ने सरकार से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। एसआईटी ने 15 से 20 जून के बीच अयोध्या में जांच की। शुरुआती जांच में चढ़ावे की नकदी और कीमती सामान के रखरखाव और रिकॉर्ड में कई अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद आठ नामजद आरोपियों और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
गिरफ्तार आरोपियों में इनका नाम शामिल
पुलिस ने इस मामले में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, रामाशंकर मिश्रा, मनीष यादव और करुणेश पांडेय को गिरफ्तार किया है। जांच में यह भी सामने आया है कि अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा आपस में रिश्तेदार हैं।
फिलहाल एसआईटी और पुलिस पूरे मामले की हर कड़ी की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।

