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1 जून से बिहार में बस यात्रा होगी महंगी, किराए में 15% तक बढ़ोतरी, जानिए नया किराया

1 जून से बिहार में बस यात्रा होगी महंगी, किराए में 15% तक बढ़ोतरी, जानिए नया किराया
1 जून से बिहार में बस यात्रा होगी महंगी, किराए में 15% तक बढ़ोतरी, जानिए नया किराया

बिहार में बस से सफर करने वालों को जल्द बड़ा झटका लगने वाला है। 1 जून से राज्यभर में बस किराया बढ़ने जा रहा है, जिससे यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। आखिर किराए में कितनी बढ़ोतरी हुई है और किन नियमों में बदलाव किया गया है? जानिए पूरी जानकारी।

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Dipali Kumari
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Bihar Bus Fare Hike: बिहार में बस से सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने यात्री बसों के किराए में 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। नई किराया दरें 1 जून 2026 (सोमवार) से पूरे राज्य में लागू होंगी। परिवहन विभाग का कहना है कि डीजल की बढ़ती कीमतों और बस संचालन पर बढ़े खर्च को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। किराया बढ़ने का असर साधारण, सेमी डीलक्स, डीलक्स और वातानुकूलित (एसी) बसों में यात्रा करने वाले सभी यात्रियों पर पड़ेगा।

जानिए बसों का नया किराया

परिवहन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार साधारण बसों के किराए में भी संशोधन किया गया है। अब 50 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए यात्रियों को प्रति किलोमीटर 1.73 रुपये किराया देना होगा, जबकि पहले यह दर 1.50 रुपये प्रति किलोमीटर थी। इसी तरह 100 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए नई दर 1.71 रुपये प्रति किलोमीटर तय की गई है। वहीं 300 किलोमीटर से अधिक दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को 1.65 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया देना होगा।

सिर्फ साधारण बस ही नहीं, बल्कि डीलक्स, सेमी डीलक्स और एसी बसों के किराए में भी बढ़ोतरी की गई है। विभाग ने सभी बस संचालकों को निर्देश दिया है कि वे नया किराया चार्ट बस स्टैंड और बसों में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें, ताकि यात्रियों को किराए की सही जानकारी मिल सके और किसी तरह की भ्रम की स्थिति न बने।

अधिक किराया लेने पर होगी कार्रवाई

परिवहन विभाग ने किराया बढ़ोतरी के साथ-साथ नियमों को लेकर भी सख्ती दिखाई है। जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को किराया व्यवस्था की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। यदि कोई बस संचालक तय दर से अधिक किराया वसूलता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ मोटरयान अधिनियम 1988 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

केवल निर्धारित बस स्टैंड पर ही रुकेगी बस

नई अधिसूचना में बसों के ठहराव को लेकर भी अहम निर्देश दिए गए हैं। अब बसों को केवल निर्धारित बस स्टैंड पर ही रुकने की अनुमति होगी। सार्वजनिक स्थानों और सड़क किनारे अवैध रूप से बस रोकने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा ओवरलोडिंग पर भी विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने पर बस मालिक और चालक दोनों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार अगले कुछ दिनों में विभिन्न रूटों का संशोधित किराया जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद 1 जून से नई दरों के अनुसार यात्रियों को किराया देना होगा।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।