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लाखों बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका! दिल्ली में बिजली बिल हुआ महंगा, 16 से 17 प्रतिशत की वृद्धि

लाखों बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका! दिल्ली में बिजली बिल हुआ महंगा, 16 से 17 प्रतिशत की वृद्धि
लाखों बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका! दिल्ली में बिजली बिल हुआ महंगा, 16 से 17 प्रतिशत की वृद्धि

दिल्ली के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को जल्द ही बड़ा झटका लग सकता है। डीईआरसी ने निजी बिजली कंपनियों को अतिरिक्त सरचार्ज वसूलने की अनुमति दे दी है, जिसके बाद गैर-सब्सिडी उपभोक्ताओं का बिजली बिल 16 से 18 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। हालांकि सब्सिडी पाने वाले उपभोक्ताओं को इससे राहत मिलेगी।

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Dipali Kumari
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Delhi Electricity Bill: दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लग सकता है। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) ने राजधानी की निजी बिजली कंपनियों को फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) वसूलने की अनुमति दे दी है। इसके बाद गैर-सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं का बिजली बिल 16 से 18 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।

बिजली कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोयले की कीमतें बढ़ने और उसके परिवहन पर ज्यादा खर्च आने के कारण बिजली बनाने की लागत काफी बढ़ गई है। इसी अतिरिक्त खर्च की भरपाई के लिए कंपनियों ने सरचार्ज बढ़ाने की मांग की थी, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।

कहां बढ़ेगा कितना शुल्क

नए आदेश के अनुसार, उत्तरी दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली टाटा पावर (TPDDL) अपने ग्राहकों से 16 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क वसूलेगी। वहीं दक्षिण और पश्चिम दिल्ली में बीएसईएस राजधानी (BRPL) के उपभोक्ताओं को 17.94 प्रतिशत और पूर्वी व मध्य दिल्ली में बीएसईएस यमुना (BYPL) के ग्राहकों को 17.43 प्रतिशत तक अतिरिक्त सरचार्ज देना होगा।

DERC ने कहा है कि यह व्यवस्था फिलहाल जारी रहेगी और बिजली कंपनियां हर महीने यह अतिरिक्त शुल्क वसूल सकेंगी। आयोग की ओर से नया आदेश आने तक यह नियम लागू रहेगा।

इन उपभोक्ताओं को मिलेगी बड़ी राहत

हालांकि सभी उपभोक्ताओं पर इसका असर नहीं पड़ेगा। दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी योजना का लाभ लेने वाले लोगों को राहत मिलेगी। 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली और 400 यूनिट तक 50 प्रतिशत सब्सिडी पाने वाले उपभोक्ताओं के बिल में कोई अतिरिक्त बढ़ोतरी नहीं होगी।

सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो सब्सिडी नहीं लेते और पूरा बिजली बिल चुकाते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं का मासिक बिजली खर्च पहले की तुलना में काफी बढ़ सकता है। बढ़ती गर्मी के कारण पहले ही बिजली की खपत बढ़ी हुई है, ऐसे में बढ़ा हुआ बिल लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।