नागपुर डीआरआई की दो कार्रवाई में 1.312 किलो एम्फेटामाइन जब्त, गोंदिया में तेंदुए की खाल के साथ दो पकड़े गए

नागपुर डीआरआई एम्फेटामाइन जब्ती और गोंदिया तेंदुआ खाल तस्करी: नागपुर डीआरआई ने तीन दिनों में तस्करी से जुड़े दो मामलों में कार्रवाई की। 27 सितंबर को नागपुर रेलवे स्टेशन पर 1.312 किलोग्राम एम्फेटामाइन जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 1.05 करोड़ रुपये बताई गई। 29 सितंबर को गोंदिया के देवरी क्षेत्र में तेंदुए की खाल के साथ दो लोग पकड़े गए। दोनों मामलों में आगे की कार्रवाई जारी है।
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नागपुर डीआरआई की दो तस्करी विरोधी कार्रवाई
नागपुर डीआरआई एम्फेटामाइन जब्ती और गोंदिया तेंदुआ खाल तस्करी: नागपुर, 1 अक्टूबर। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की नागपुर क्षेत्रीय इकाई ने तीन दिनों के भीतर दो बड़ी कार्रवाइयां कीं। पहली कार्रवाई में नागपुर रेलवे स्टेशन पर 1.05 करोड़ रुपये की एम्फेटामाइन जब्त की गई। दूसरी कार्रवाई में गोंदिया जिले में तेंदुए की खाल की तस्करी का भंडाफोड़ हुआ। डीआरआई ने इन्हें अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह और अवैध वन्यजीव तस्करी नेटवर्क के खिलाफ खुफिया-आधारित कार्रवाई बताया है।
नागपुर स्टेशन पर एम्फेटामाइन जब्त
पहली कार्रवाई 27 सितंबर को हुई। डीआरआई अधिकारियों ने आरपीएफ, मध्य रेलवे नागपुर की मदद से हजरत निजामुद्दीन-केएसआर बेंगलुरु राजधानी एक्सप्रेस से यात्रा कर रही एक भारतीय महिला यात्री को रोका। उसके सूटकेस की अंदरूनी कपड़े की परत के पीछे कार्डबोर्ड का गुप्त खांचा बना था। इसमें नीले कार्बन पेपर में लिपटे दो पैकेट मिले।
फील्ड ड्रग टेस्टिंग किट से जांच में इनमें एम्फेटामाइन की पुष्टि हुई। कुल 1.312 किलोग्राम एम्फेटामाइन जब्त की गई, जिसकी अवैध बाजार में कीमत करीब 1.05 करोड़ रुपये आंकी गई है। महिला को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत गिरफ्तार कर उसी दिन नागपुर की अवकाश अदालत में पेश किया गया।
गोंदिया में तेंदुए की खाल बरामद
दूसरी कार्रवाई 29 सितंबर को गोंदिया जिले के पुराडा गांव के पास हुई। डीआरआई टीम ने अवैध वन्यजीव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ कर तेंदुए पैंथेरा पार्डस (Panthera pardus) की खाल बरामद की और दो आरोपियों को पकड़ा। तेंदुआ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में शामिल है। खाल और दोनों आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए वन विभाग को सौंप दिया गया।
पहले भी हो चुकी हैं बड़ी जब्तियां
डीआरआई नागपुर इससे पहले उज्जैन में तेंदुए की खाल, सिवनी में बाघ की हड्डियां, पिलेरू और जगदलपुर में पैंगोलिन के शल्क तथा मैसूरु में हाथी दांत भी जब्त कर चुकी है। डीआरआई सीमा शुल्क, पुलिस, आरपीएफ और वन विभाग के साथ मिलकर नशीले पदार्थों, वन्यजीव और सोने आदि की तस्करी पर कार्रवाई कर रही है। डीआरआई ने नागरिकों से भी तस्करी की जानकारी साझा करने की अपील की है। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
यह अभियान ‘नशा मुक्त भारत’ के साथ देश की प्राकृतिक विरासत की सुरक्षा की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

