महाराष्ट्र: हिंगोली बस स्टैंड पर टिकट विवाद ने लिया हिंसक रूप, बस कंडक्टर पर जानलेवा हमला; 9 आरोपी हिरासत में

महाराष्ट्र के हिंगोली बस स्टैंड पर टिकट विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। एक यात्री और उसके साथियों ने एसटी बस के कंडक्टर पर घातक हथियारों से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने मामले में 9 आरोपियों को हिरासत में लेकर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है।
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Hingoli Bus Conductor Attack: महाराष्ट्र के हिंगोली शहर में टिकट को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। बस स्टैंड पर एक यात्री ने अपने साथियों के साथ मिलकर राज्य परिवहन (एसटी) बस के कंडक्टर पर घातक हथियारों से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना कल गुरुवार सुबह की है। पुलिस ने मामले में 9 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर सभी को हिरासत में ले लिया है।
मामूली बहस बना हिंसक
जानकारी के अनुसार, एसटी महामंडल की बस गुरुवार सुबह हिंगोली तहसील के केंद्रा गांव से हिंगोली शहर की ओर आ रही थी। इसी दौरान टिकट को लेकर देवाला निवासी दिलीप गणपत सिरसाट और बस कंडक्टर संजय लक्ष्मण अडकिणे के बीच कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर दिलीप सिरसाट ने मोबाइल फोन से अपने साथियों को हिंगोली बस स्टैंड बुला लिया।
हड़ताल पर बैठे बस डिपो के कर्मचारी
बस के हिंगोली बस स्टैंड पहुंचते ही पहले से मौजूद आरोपी बस में चढ़ गए और कंडक्टर संजय अडकिणे पर फायटर पंच समेत अन्य घातक हथियारों से हमला कर दिया। हमले में कंडक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही बस डिपो के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और विरोध जताते हुए काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी। घायल कंडक्टर को तुरंत जिला सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
9 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज
कंडक्टर संजय लक्ष्मण अडकिणे, निवासी कामठा (तहसील कलमनुरी) की शिकायत पर हिंगोली शहर पुलिस ने विशाल दिलीप सिरसाट, राहुल भिकाजी पुंडगे, दिलीप गणपत सिरसाट, अजय सोनाले, बालू प्रल्हाद राठौड़, संतोष बांगर, सुभाष करे, कृष्णा सिरोले और पिराजी राठौड़ समेत कुल 9 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं 132, 121(1), 189(1), 189(2), 190 और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया है।
फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच सहायक पुलिस उपनिरीक्षक संजय मार्के कर रहे हैं। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच में जुटी है। वहीं, इस घटना के बाद एसटी कर्मचारियों में भारी नाराजगी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।

