हिंगोली में सूखे से फसल नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद किसानों को मिलेगी सहायता

हिंगोली सूखा चंद्रशेखर बावनकुले किसान सहायता: हिंगोली में सूखे से फसल नुकसान, पेयजल और चारे की समस्या का जायजा लेने राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले पहुंचे। उन्होंने आराटी गांव में किसानों से बातचीत की और नुकसान देखा। बावनकुले ने कहा कि पंचनामे और पूरी रिपोर्ट मिलने के बाद सहायता पर फैसला होगा। उन्होंने विपक्ष से सूखे के मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की अपील भी की।
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हिंगोली में सूखे से फसल नुकसान का आकलन
हिंगोली सूखा चंद्रशेखर बावनकुले किसान सहायता: हिंगोली। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि फसल नुकसान के पंचनामे और संपूर्ण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही किसानों को सहायता की घोषणा की जाएगी। उन्होंने सूखे के मुद्दे पर विपक्ष से राजनीति नहीं करने की अपील भी की।
भीषण सूखे का सामना कर रहे हिंगोली जिले में फसलों के नुकसान, पेयजल की समस्या और चारे की कमी की स्थिति का जायजा लेने के लिए बावनकुले ने 28 सितंबर को जिले का दौरा किया। सोमवार दोपहर वे कळमनुरी तहसील के आराटी गांव पहुंचे और खेतों में जाकर नुकसानग्रस्त फसलों का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
बावनकुले ने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार किसानों के नुकसान को लेकर गंभीर है और उन्हें आवश्यक आर्थिक सहायता देने के प्रयास किए जा रहे हैं। दशहरा और दीपावली से पहले किसानों को अच्छी खबर मिलने की उम्मीद भी उन्होंने जताई।
पंचनामे के बाद किसानों को सहायता का फैसला
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि तत्काल सहायता की घोषणा कर दी जाती है, तो कुछ किसानों के वास्तविक नुकसान का आकलन छूट सकता है। इसलिए प्रत्येक क्षेत्र में फसलों के नुकसान का विस्तृत सर्वेक्षण और पंचनामा करना आवश्यक है। पंचनामे तथा संबंधित विभागों की संपूर्ण रिपोर्ट मिलने के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी, जिसके आधार पर सहायता को लेकर उचित निर्णय लिया जाएगा।
राजस्व मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील है और नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद सहायता पर निर्णय होगा।
इस अवसर पर सांसद रामराव वडकुते, मंत्री मेघना बोर्डीकर, विधायक प्रज्ञा सातव, विधायक संतोष बांगर, शिवाजीराव मुटकुले सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
अब सभी की नजरें प्रशासन द्वारा तैयार किए जा रहे पंचनामों और विभागीय रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिनके आधार पर किसानों की सहायता तय होगी।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

