हिंगोली में सूखे और फसल खराब होने से परेशान किसान ने दी जान

हिंगोली में सूखे और फसल खराब होने से किसान की आत्महत्या: हिंगोली तहसील के इसापुर रमणा गांव में 50 वर्षीय किसान विठ्ठल फकीरा वढे ने 25 सितंबर को अपने खेत में आत्महत्या कर ली। करीब दो एकड़ जमीन पर खेती करने वाले विठ्ठल फसल खराब होने से परेशान थे। उन पर कर्ज चुकाने का दबाव था और एक बेटी की शादी की चिंता भी थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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हिंगोली में सूखे से किसान की बढ़ी परेशानी
हिंगोली में सूखे और फसल खराब होने से किसान की आत्महत्या: हिंगोली जिले में सूखे और फसल खराब होने से परेशान एक किसान ने अपनी जान दे दी। हिंगोली तहसील के इसापुर रमणा गांव में 50 वर्षीय किसान विठ्ठल फकीरा वढे ने अपने ही खेत में पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना 25 सितंबर को दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच हुई।
विठ्ठल वढे के पास करीब दो एकड़ कृषि भूमि थी, जिससे होने वाली आय पर उनका पूरा परिवार निर्भर था। इस वर्ष प्रतिकूल मानसून और सूखे के कारण फसल को भारी नुकसान हुआ, जिससे उनकी आमदनी ठप हो गई। खेती से पर्याप्त कमाई न होने के बावजूद साहूकारों और बैंकों का कर्ज चुकाने का दबाव उन पर था। इसके साथ ही घर में बेटी की शादी की चिंता भी उन्हें सताए हुए थी। इन्हीं वजहों से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया। संयोग से यह घटना श्री विसर्जन के दिन हुई, जिसकी खबर फैलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
कर्ज और बेटी की शादी की चिंता बनी वजह
मृतक किसान स्नातक शिक्षित थे और खेती के जरिए ही परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी, चार बेटियां और एक बेटा है। चार में से तीन बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि एक बेटी की शादी अभी बाकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही हिंगोली ग्रामीण पुलिस थाने के पुलिस उपनिरीक्षक राहुल घुले, एक महिला पुलिस उपनिरीक्षक, बीट अमलदार शंकर गायकवाड़ और पुलिस अधिकारी राजू गुठे मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए हिंगोली के सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल भेज दिया है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जिले में लगातार सामने आ रही किसान आत्महत्याओं ने एक बार फिर सूखा प्रभावित इलाकों में सरकारी राहत और कर्ज माफी की मांग को हवा दे दी है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र.

