महाराष्ट्र में वन्य जीवों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एआई अलर्ट व्यवस्था शुरू

Maharashtra human wildlife conflict AI alert system plan: महाराष्ट्र सरकार ने मानव और वन्य जीव संघर्ष रोकने के लिए 260 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत एक हजार गांवों में एआई आधारित अलर्ट व्यवस्था शुरू होगी। दस कंट्रोल रूम, रेस्क्यू सेंटर, ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर और दो हजार प्रतिक्रिया दल बनाए जाएंगे ताकि लोगों और वन्य जीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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गांवों की सुरक्षा के लिए नई तकनीक पर सरकार का जोर
Maharashtra human wildlife conflict AI alert system plan: मुंबई, 26 मई। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए 260 करोड़ रुपये की व्यापक कार्ययोजना को मंजूरी दे दी है। राज्य वन्यजीव मंडल की स्थायी समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
वन मंत्री गणेश नाइक ने बताया कि पहले चरण में राज्य के दस स्थानों पर अत्याधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। इन कंट्रोल रूमों में आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से वन विभाग के संसाधनों, वाहनों और गश्ती दलों की निगरानी की जाएगी।

एआई से मिलेगा तत्काल अलर्ट
राज्य के एक हजार गांवों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित अलर्ट प्रणाली लागू की जाएगी। वन क्षेत्र के बाहर कोई वन्यजीव दिखाई देने पर संबंधित गांव में तुरंत सूचना भेजी जाएगी, ताकि ग्रामीण समय रहते सतर्क हो सकें।
क्या-क्या बनेगा इस योजना के तहत
इस परियोजना के अंतर्गत निम्नलिखित ढांचा तैयार किया जाएगा
- ग्रामीणों की भागीदारी से दो हजार प्राथमिक प्रतिक्रिया दल
- 20 रैपिड रेस्क्यू टीमें
- दो रेस्क्यू सेंटर और दस ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर
- फसल नुकसान पहुंचाने वाले हिरण, बंदर और जंगली सूअरों को पकड़ने के लिए विशेष मोबाइल दल
वन मंत्री नाइक ने कहा कि वन्यजीवों के हमलों को रोकने के लिए त्वरित कदम उठाए जाएंगे और इस पूरी योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
यह परियोजना राज्य के उन क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जहां मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बार-बार सामने आती हैं। योजना के क्रियान्वयन की समयसीमा और चरणवार विवरण जल्द जारी किए जाने की संभावना है।

रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

