नागपुर, ऑटो रिक्शा चालकों ने आरटीओ कार्यालय का घेराव किया, परिवहन मंत्री की नीतियों के खिलाफ धरना

Nagpur auto rickshaw drivers RTO protest: नागपुर में ऑटो चालकों ने अपनी मांगों को लेकर आरटीओ का घेराव कर धरना दिया। उन्होंने सरकार की नीतियों पर नाराजगी जताई और कई समस्याओं का समाधान मांगा। चालकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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नागपुर में ऑटो चालकों का आरटीओ घेराव
Nagpur auto rickshaw drivers RTO protest: नागपुर, 23 मार्च। ऑटो रिक्शा चालकों ने सोमवार को प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (आरटीओ) का घेराव कर धरना आंदोलन किया। राज्य के परिवहन मंत्री की नीतियों के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया, जिन्हें चालकों ने एकतरफा और गलत बताया।
ज्ञापन सौंपा
ऑटो रिक्शा चालक-मालिक संगठन संयुक्त कृती समिति के महासचिव विलास भालेकर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आरटीओ अधिकारी के माध्यम से परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक और परिवहन आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। राज्यभर के विभिन्न जिलों में भी इसी प्रकार के आंदोलन आयोजित किए गए।
नागपुर आंदोलन में कौन-कौन शामिल
मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे चालक
नागपुर के इस आंदोलन में विदर्भ ऑटो रिक्शा फेडरेशन के राजू इंगळे, टाइगर ऑटो रिक्शा संगठन के अध्यक्ष जावेद शेख और ग्रामीण अध्यक्ष अतिश शेंडे सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य मांगें
चालकों ने निम्नलिखित मांगें रखीं:
- जबरन सदस्यता पर तत्काल रोक
- परमिट नवीनीकरण में आ रही बाधाएं समाप्त की जाएं
- ₹500 प्रवेश शुल्क और ₹300 वार्षिक शुल्क रद्द किया जाए
- ई-रिक्शा पर भी समान नियम लागू हों
- अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक लगाई जाए
चेतावनी
चालकों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

