नागपुर सेंट्रल जेल में कैदी की हत्या मामले में दोषी को उम्रकैद, अदालत ने सुनाया बड़ा फैसला

Nagpur Central Jail Murder Life Imprisonment Verdict: नागपुर सेंट्रल जेल में कैदी आयुष निर्मल पुगलिया की हत्या मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी सूरज कोकणाके को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने 21 गवाहों, वैज्ञानिक साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर अपराध साबित माना और आरोपी पर 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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जेल के भीतर हुई हत्या मामले में अदालत का फैसला
Nagpur Central Jail Murder Life Imprisonment Verdict: नागपुर सेंट्रल जेल में हुए चर्चित कैदी हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी सूरज कोकणाके को दोषी करार दिया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेखर तोतला (डीजे-21) ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आरोपी को आजीवन कारावास और 1,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
सूरज कोकणाके पहले से ही हत्या के एक मामले में सजा काट रहा था और जेल की बैरक नंबर-5 में बंद था। इसी बैरक में बंद आयुष निर्मल पुगलिया से उसका विवाद हुआ, जिसके बाद उसने सुनियोजित तरीके से हत्या को अंजाम दिया।
अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने पहले बैरक नंबर-5 के पास शौचालय में पुगलिया के सिर पर फर्श का पत्थर मारा। इसके बाद रसोईघर के चम्मच के हैंडल को धारदार बनाकर उसके गले पर कई वार किए, जिससे मौके पर ही मौत हो गई।
साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को मिली उम्रकैद की सजा
मुकदमे में अभियोजन पक्ष ने 21 गवाहों के बयान दर्ज कराए। घटनास्थल के वैज्ञानिक साक्ष्य, जब्ती पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और धंतोली स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट अहम साबित हुई। इनके आधार पर अदालत ने अपराध संदेह से परे सिद्ध माना।
सरकारी अभियोक्ता श्याम खुळे ने सरकार की ओर से पैरवी की। मृतक आयुष पुगलिया बहुचर्चित कुश कटारिया हत्याकांड का आरोपी था, जिसकी जेल के भीतर हत्या ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया था।
इस फैसले ने साफ कर दिया है कि जेल की चारदीवारी के भीतर हुए अपराध भी कानून की पकड़ से बाहर नहीं हैं।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

