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Dr Vipin Itankar On Nagpur Fuel Shortage: जरूरत से ज्यादा पेट्रोल और डीजल न खरीदें, जिलाधिकारी की अपील

Dr Vipin Itankar On Nagpur Fuel Shortage: जरूरत से ज्यादा पेट्रोल और डीजल न खरीदें, जिलाधिकारी की अपील
Nagpur fuel shortage panic buying: नागपुर में पेट्रोल और डीजल की घबराहट में खरीदारी पर जिलाधिकारी की अपील (Photo by Reporter Jassi)

Nagpur fuel shortage panic buying: नागपुर में पेट्रोल और डीजल की जरूरत से ज्यादा खरीदारी के कारण कई पेट्रोल पंपों पर कमी की स्थिति बन रही है। जिलाधिकारी ने साफ किया कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे घबराहट में खरीदारी न करें और केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन लें।

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Asfi Shadab
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ट्रोल और डीजल की घबराहट में खरीदारी से बिगड़ी स्थिति

Nagpur fuel shortage panic buying: नागपुर। जिलाधिकारी डॉ. विपीन इटनकर ने नागपुर के नागरिकों से अपील की है कि वे जरूरत से अधिक पेट्रोल या डीजल न खरीदें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है और घबराहट में की जा रही अतिरिक्त खरीदारी ही आपूर्ति व्यवस्था को बाधित कर रही है।

जिले में पर्याप्त भंडार मौजूद

जिलाधिकारी के अनुसार, नागपुर जिले में इस समय लगभग 1 करोड़ 5 लाख लीटर डीजल और 35 लाख लीटर पेट्रोल का भंडार उपलब्ध है, जो दैनिक आवश्यकता से काफी अधिक है। इसके बावजूद पिछले दो-तीन दिनों में नागरिक पहले की तुलना में कहीं अधिक मात्रा में ईंधन खरीद रहे हैं, जिससे कई पेट्रोल पंपों पर “ईंधन समाप्त” के बोर्ड लगाने की नौबत आ गई है।

डॉ. इटनकर ने कहा कि यदि लोग बिना घबराए केवल जरूरत के अनुसार ईंधन खरीदें, तो आपूर्ति जल्द सामान्य हो जाएगी।

Nagpur fuel shortage panic buying: नागपुर में पेट्रोल और डीजल की घबराहट में खरीदारी पर जिलाधिकारी की अपील
Nagpur fuel shortage panic buying: नागपुर में पेट्रोल और डीजल की घबराहट में खरीदारी पर जिलाधिकारी की अपील (Photo by Reporter Jassi)

डिब्बों-बोतलों में पेट्रोल नहीं मिलेगा

जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि पेट्रोल पंपों पर वाहनों के अलावा डिब्बों या बोतलों में पेट्रोल देना नियमों के विरुद्ध है और इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी।

अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

सोशल मीडिया पर ईंधन संकट को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए जरूरत के अनुसार पेट्रोल पंपों पर पुलिस बल भी तैनात किया गया है। इसके अलावा जिलाधिकारी ने तेल कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे मांग के अनुरूप आपूर्ति बढ़ाना सुनिश्चित करें।

प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और नागरिकों के सहयोग से इसे शीघ्र सामान्य किया जा सकता है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।