नागपुर में ऐतिहासिक मस्कऱ्या हडपक्या गणपति की 239 वर्ष पुरानी परंपरा, 27 सितंबर को निकलेगी आगमन शोभायात्रा

नागपुर मस्कऱ्या हडपक्या गणपति उत्सव: नागपुर का मस्कऱ्या हडपक्या गणपति उत्सव इस वर्ष 239 वर्ष पूरे कर रहा है। 1787 में श्रीमंत राजे खंडोजी महाराज भोंसले ने इसकी शुरुआत की थी। 27 सितंबर 2026 को शाम 6 बजे तुलशीबाग से आगमन शोभायात्रा निकलेगी। 29 सितंबर को गणपति की विधिवत स्थापना होगी। इस वर्ष 18 हाथ की 7 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
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नागपुर में 239 वर्ष पुरानी गणपति परंपरा
नागपुर मस्कऱ्या हडपक्या गणपति उत्सव: नागपुर की ऐतिहासिक मस्कऱ्या (हडपक्या) पारंपरिक गणपति उत्सव की 239 वर्ष पुरानी परंपरा इस वर्ष भी जारी रहेगी। गणपति का आगमन 27 सितंबर 2026 को होगा, जबकि 29 सितंबर को विधिवत स्थापना की जाएगी।
आयोजकों द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, वर्ष 1787 में श्रीमंत राजे खंडोजी महाराज भोंसले (उर्फ चिमणाबापू) ने इस उत्सव की शुरुआत की थी। उस दौरान वे अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए बंगाल की स्वारी पर गए थे। बंगाल पर विजय प्राप्त कर लौटते समय कुलाचारी गणपति का विसर्जन हो चुका था। विजय की खुशी में उन्होंने मस्कऱ्या गणपति की स्थापना कर नकल, खड़ी गम्मत सहित मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित किए और उत्सव को सार्वजनिक स्वरूप दिया।
आयोजकों के अनुसार, बाद में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान सार्वजनिक गणेशोत्सव को व्यापक रूप दिया, और उन्होंने श्रीमंत राजे खंडोजी महाराज की दूरदृष्टि का अध्ययन किया था।
27 सितंबर को निकलेगी आगमन शोभायात्रा
पितृपक्ष में शुरू यह परंपरा आज भी कायम है। श्रीमंत राजे मुधोजी महाराज भोंसले के मार्गदर्शन और महाराजा ऑफ नागपुर ट्रस्ट के प्रबंधन में यह उत्सव बड़े पैमाने पर आयोजित होता है।
पहले इस गणपति की 18 हाथ ऊंची और 21 फीट की प्रतिमा स्थापित की जाती थी। इसी परंपरा के अनुरूप इस वर्ष 18 हाथ की 7 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यह गणपति नवसाला पावणारा यानी मनोकामना पूर्ण करने वाले गणपति के रूप में श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र है।
27 सितंबर को शाम 6 बजे आगमन शोभायात्रा सी.पी. एंड बेरार कॉलेज, तुलशीबाग से शुरू होगी। यह ज्युनियर भोंसला पैलेस, राजे प्रतापसिंह भोंसले चौक (सुतिका गृह), कोतवाली पुलिस स्टेशन चौक और नरसिंग टॉकीज चौक से होते हुए सीनियर भोंसला पैलेस पहुंचेगी।
आगामी 29 सितंबर को गणपति की विधिवत स्थापना के साथ उत्सव औपचारिक रूप से शुरू होगा।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

