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नागपुर में यूपीआई शुल्क के विरोध में व्यापारियों ने ऑनलाइन भुगतान लेने से किया इनकार

नागपुर में यूपीआई शुल्क के विरोध में व्यापारियों ने ऑनलाइन भुगतान लेने से किया इनकार
Nagpur Traders UPI Charge Protest: नागपुर में यूपीआई शुल्क के विरोध में व्यापारियों ने ऑनलाइन भुगतान लेने से किया इनकार (Photo: RB / Jassi)

नागपुर के व्यापारियों का यूपीआई शुल्क के खिलाफ विरोध: नागपुर में 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई (UPI) भुगतान पर 0.4 प्रतिशत शुल्क के प्रस्ताव का व्यापारियों ने विरोध किया। शुक्रवार को शहर के कई दुकानदारों ने यूपीआई (UPI) और ऑनलाइन भुगतान स्वीकार करने से इनकार किया। व्यापारियों का कहना है कि अतिरिक्त शुल्क से छोटे और मध्यम कारोबारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। उन्होंने सरकार से प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की मांग की।

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Asfi Shadab
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यूपीआई शुल्क के विरोध में नागपुर के व्यापारियों का प्रदर्शन

नागपुर के व्यापारियों का यूपीआई शुल्क के खिलाफ विरोध: नागपुर। 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई (UPI) भुगतान पर 0.4 प्रतिशत चार्ज लगाए जाने के प्रावधान के विरोध में शुक्रवार को नागपुर के कई व्यापारियों और दुकानदारों ने ऑनलाइन पेमेंट स्वीकार करने से इनकार कर दिया। शहर के विभिन्न बाजारों में दुकानदारों ने ग्राहकों को बता दिया कि वे यूपीआई (UPI) के माध्यम से भुगतान नहीं लेंगे।

व्यापारियों का आरोप है कि यह प्रस्तावित चार्ज उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन सकता है। उनका कहना है कि यदि 2,000 रुपये से अधिक के डिजिटल भुगतान पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लागू होता है, तो इसका असर या तो व्यापारी की जेब पर पड़ेगा या फिर उन्हें यह राशि ग्राहक से वसूलनी होगी। व्यापारियों के अनुसार, बढ़ती लागत और अन्य आर्थिक दबावों के बीच अतिरिक्त शुल्क उनकी परेशानी बढ़ाएगा।

Nagpur Traders UPI Charge Protest: नागपुर में यूपीआई शुल्क के विरोध में व्यापारियों ने ऑनलाइन भुगतान लेने से किया इनकार
Nagpur Traders UPI Charge Protest: नागपुर में यूपीआई शुल्क के विरोध में व्यापारियों ने ऑनलाइन भुगतान लेने से किया इनकार (Photo: RB / Jassi)

2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत शुल्क का विरोध

व्यापारियों ने कहा कि डिजिटल भुगतान आज कारोबार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है, लेकिन इस पर अतिरिक्त शुल्क लगने से छोटे और मध्यम व्यापारी सबसे अधिक प्रभावित होंगे। वर्ष 2016 से देश में ऑनलाइन भुगतान और यूपीआई (UPI) व्यवस्था तेजी से बढ़ी है।

पत्रकारों से बातचीत में व्यापारियों ने अपनी समस्याएं और आपत्तियां रखीं। उनकी मांग है कि सरकार इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करे और व्यापारियों पर किसी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ न डाले।

व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि यह प्रावधान वापस नहीं लिया गया, तो वे आगे भी यूपीआई (UPI) और अन्य ऑनलाइन भुगतान स्वीकार नहीं करने का निर्णय जारी रख सकते हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर व्यापारियों और सरकार के बीच विवाद बढ़ने की संभावना है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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