नागपुर विश्वविद्यालय में अंतरविषयी शोध को बढ़ावा, 10 परियोजनाओं को 5 करोड़ रुपये की मंजूरी

नागपुर विश्वविद्यालय एएनआरएफ-पेयर शोध निधि: नागपुर विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय की 10 अंतरविषयी शोध परियोजनाओं के लिए 5 करोड़ रुपये की शोध निधि मंजूर हुई है। 20 सितंबर को पहली समीक्षा बैठक में शोधकर्ताओं ने प्रगति, पेटेंट, शोध प्रकाशन और नमूनों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने परियोजनाओं की समीक्षा कर मार्गदर्शन दिया। शोध विषयों में पर्यावरण, ऊर्जा, दवा और उन्नत पदार्थ विज्ञान शामिल हैं।
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नागपुर विश्वविद्यालय के शोध कार्य को मिली नई गति
नागपुर विश्वविद्यालय एएनआरएफ-पेयर शोध निधि: नागपुर। राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय ने अंतरविषयी अनुसंधान के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान आईआईटी (IIT), इंदौर के सहयोग से एडवांस्ड नेशनल रिसर्च फाउंडेशन–इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च एएनआरएफ-पेयर (ANRF-PAIR) योजना के तहत विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय के 10 शोध प्रकल्पों के लिए कुल 5 करोड़ रुपये की निधि मंजूर की गई है।
इन परियोजनाओं में औषधि निर्माणशास्त्र, भौतिकी, रसायनशास्त्र, वनस्पतिशास्त्र तथा आणविक जीवविज्ञान एवं आनुवंशिकी जैसे विषय शामिल हैं। इनका फोकस उन्नत पदार्थ विज्ञान, पर्यावरणीय स्थिरता और ऊर्जा प्रौद्योगिकी पर है।
स्वीकृत परियोजनाओं की पहली समीक्षा बैठक 20 सितंबर को विश्वविद्यालय परिसर में हुई, जिसमें सभी 10 परियोजनाओं के प्रमुख शोधकर्ताओं ने अपनी प्रगति प्रस्तुत की तथा पेटेंट, शोध प्रकाशन और प्रोटोटाइप की जानकारी दी। बैठक में एएनआरएफ-पेयर (ANRF-PAIR) के परियोजना संचालक प्रो. अभिरूप दत्ता और आईआईटी (IIT) इंदौर के सह-प्रमुख शोधकर्ता ऑनलाइन जुड़े।
10 शोध परियोजनाओं की विशेषज्ञों ने की समीक्षा
समीक्षा समिति में प्रो. शैलेश कुंडलवाल, प्रो. देबायन सरकार तथा विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के प्रो. उमेश कुमार सिंह शामिल रहे। विशेषज्ञों ने शोधकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की और भावी दिशा पर मार्गदर्शन दिया। समिति ने हब और स्पोक संस्थानों के बीच शोधकर्ताओं व जूनियर रिसर्च फेलो की आवाजाही बढ़ाने पर जोर दिया, साथ ही रूसा-पीएमयूषा (RUSA-PMUSHA) के उपकरणों व संबंधित विभागों का निरीक्षण कर विश्वविद्यालय की शोध अधोसंरचना की सराहना की।
इन परियोजनाओं में टिकाऊ पृथक्करण, फसलों में पोषक अवशोषण बढ़ाने वाले नैनो-कॉम्पोजिट, मस्तिष्क व रीढ़ की चोटों के लिए हाइड्रोजेल स्कैफोल्ड, बायोमास से ऊर्जा भंडारण, उन्नत दवा वितरण प्रणाली, ईंधन सेल इलेक्ट्रोलाइट और कोबाल्ट-मुक्त सोडियम-आयन बैटरी कैथोड जैसे विषय शामिल हैं। इन परियोजनाओं की अगली समीक्षा में शोधकर्ताओं से और ठोस परिणाम सामने आने की उम्मीद है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

