नागपुर में मतदाता सूची से करीब 10 लाख नाम हटाए जाने का दावा, नितिन गडकरी का लोकसभा क्षेत्र होने से बढ़ी चर्चा

Nagpur voter list 10 lakh names removed: नागपुर लोकसभा क्षेत्र की मतदाता सूची से करीब 10 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा सामने आया है। इसके बाद राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। नाम हटाने के कारण और वास्तविक संख्या प्रशासन के आंकड़ों से साफ होगी। फिलहाल मतदाताओं से सूची में अपना नाम और जरूरी जानकारी जांचने की अपील की जा रही है।
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नागपुर की मतदाता सूची से 10 लाख नाम हटाए जाने का दावा
Nagpur voter list 10 lakh names removed: नागपुर लोकसभा क्षेत्र की मतदाता सूची से करीब 10 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा सामने आया है। यह क्षेत्र केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का संसदीय क्षेत्र है, जिसकी कुल आबादी करीब 25 लाख बताई जाती है।
यह मामला मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया के दौरान सामने आया। इतनी बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाते हुए कहा है कि इतने बड़े पैमाने पर नाम हटाने के कारण सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
बताया जा रहा है कि पुनरीक्षण के दौरान आमतौर पर मृत व्यक्तियों, स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं और दोहरी प्रविष्टियों जैसे कारणों से नाम हटाए जाते हैं। लेकिन करीब 10 लाख नाम हटाए जाने का आंकड़ा सामने आने के बाद प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रशासन के वास्तविक आंकड़ों से साफ होगी पूरी स्थिति
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहम आधार है, इसलिए किसी भी मतदाता का नाम हटाने से पहले निर्धारित नियमों का पालन और संबंधित व्यक्ति को सूचना देना जरूरी है। मतदाताओं से अपील की जा रही है कि वे सूची में अपना नाम और विवरण जांच लें।
प्रशासन की ओर से अभी वास्तविक आंकड़े और नाम हटाने के कारण स्पष्ट नहीं किए गए हैं। अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

