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नवसखी उद्योगिनी योजना, से आत्मनिर्भर बनेंगी ग्रामीण महिलाएँ: चंद्रशेखर बावनकुळे

नवसखी उद्योगिनी योजना, से आत्मनिर्भर बनेंगी ग्रामीण महिलाएँ: चंद्रशेखर बावनकुळे
Navsakhi Udyogini Yojana – ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की नई दिशा, नागपुर से उठी पहल
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Asfi Shadab
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नागपुर में “नवसखी उद्योगिनी योजना” का शुभारंभ

नागपुर, 30 अक्तूबर: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए महाराष्ट्र सरकार ने “नवसखी उद्योगिनी योजना” की शुरुआत की है। इस योजना का उद्घाटन नागपुर जिले के कोराडी स्थित महालक्ष्मी जगदंबा संस्थान परिसर में राज्य के राजस्व मंत्री एवं पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे के करकमलों द्वारा किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं और स्व-सहायता समूहों से संवाद करते हुए बावनकुळे ने कहा कि यह योजना केवल एक वित्तीय सहायता योजना नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को उद्यमिता के मार्ग पर अग्रसर करने की दिशा में एक सशक्त प्रयास है। उन्होंने बताया कि जिले में वर्तमान में 8,000 बचत समूह सक्रिय हैं, जिनसे लगभग 80,000 महिलाएँ जुड़ी हुई हैं। “उमेद” संस्था के माध्यम से इन सभी महिलाओं को प्रशिक्षण, पूंजी और विपणन के अवसर उपलब्ध कराए जाएँगे ताकि वे स्वावलंबी बन सकें।


महिला सशक्तिकरण में जिला खनिज निधि का उपयोग

राजस्व मंत्री बावनकुळे ने कहा कि अब तक जिला खनिज निधि का उपयोग मुख्यतः सड़क, विद्युत और पेयजल जैसी आधारभूत संरचनाओं में किया जाता था। परंतु अब इसका एक बड़ा हिस्सा महिलाओं के आर्थिक उत्थान और स्वावलंबन के लिए नियोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना के प्रथम चरण में 1,600 स्व-सहायता समूहों को प्रत्येक को एक लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे महिलाएँ अपने छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर सकेंगी।

उन्होंने कहा, “यह कोई ऋण योजना नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता का बीज बोने वाली योजना है। महिलाएँ अब दूसरों पर निर्भर नहीं रहेंगी, बल्कि स्वयं अपने परिवार और समाज की आर्थिक रीढ़ बनेंगी।”


वित्त राज्यमंत्री आशिष जयस्वाल ने बताया दूरगामी प्रभाव

कार्यक्रम में वित्त राज्यमंत्री आशिष जयस्वाल ने कहा कि “नवसखी उद्योगिनी योजना” ग्रामीण क्षेत्रों में पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करने का एक ठोस माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि माइक्रोफाइनेंस संस्थाओं की जटिल प्रक्रियाओं से परेशान महिलाओं के लिए यह योजना एक नई उम्मीद लेकर आई है।

जयस्वाल ने विश्वास व्यक्त किया कि इस योजना के तहत दी जा रही बीज पूंजी से महिलाएँ अपने व्यवसायों को दोगुना-चौगुना विस्तार देंगी। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि राज्य में महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय भी लिखा जाएगा।

Navsakhi Udyogini Yojana
Navsakhi Udyogini Yojana – ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की नई दिशा, नागपुर से उठी पहल

“उमेद” संस्था की भूमिका निर्णायक

“उमेद” जैसी संस्थाएँ ग्रामीण महिलाओं के विकास में एक सशक्त माध्यम के रूप में कार्य कर रही हैं। इस संस्था के तहत महिलाओं को प्रशिक्षण, कौशल विकास, वित्तीय प्रबंधन और विपणन की जानकारी दी जाती है। अब “नवसखी उद्योगिनी योजना” के साथ मिलकर “उमेद” ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का नया द्वार खोलेगी।

संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि आने वाले महीनों में जिले के सभी तालुकों में महिला उद्यमिता कार्यशालाएँ आयोजित की जाएँगी, जिनमें महिलाओं को उद्योग शुरू करने की संपूर्ण प्रक्रिया सिखाई जाएगी।


आर्थिक स्वतंत्रता के साथ सामाजिक परिवर्तन

इस योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं है, बल्कि महिलाओं के सामाजिक उत्थान और सम्मानजनक जीवन की दिशा में उन्हें प्रेरित करना भी है। जब महिलाएँ आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, तो परिवार और समाज में उनकी स्थिति भी सुदृढ़ होगी।

बावनकुळे ने कहा, “हमारी माताएँ और बहनें जब उद्यमी बनेंगी, तो गाँव-गाँव में समृद्धि का वातावरण बनेगा। यह केवल योजना नहीं, बल्कि परिवर्तन का आंदोलन है।”


भविष्य की योजनाएँ और विस्तार

राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले दो वर्षों में इस योजना का विस्तार पूरे महाराष्ट्र में किया जाए। सरकार चाहती है कि हर जिले में कम से कम एक लाख महिलाएँ इस योजना से लाभान्वित हों। साथ ही, महिलाओं के उत्पादों के लिए राज्यस्तरीय विपणन प्लेटफॉर्म तैयार करने की भी योजना है, ताकि उनके बनाए उत्पाद सीधे बाजार तक पहुँच सकें।

“नवसखी उद्योगिनी योजना” महाराष्ट्र सरकार की एक दूरदर्शी पहल है जो ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर कर रही है। इस योजना से न केवल महिला सशक्तिकरण को गति मिलेगी, बल्कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।