Rashtra Bharat Logo

Dhirendra Shastri Controversy Nagpur: शिवरायों के अपमान पर नागपुर में तेज विरोध, माफी की मांग

Dhirendra Shastri Controversy Nagpur: शिवरायों के अपमान पर नागपुर में तेज विरोध, माफी की मांग
Shiv Sena protest against Dhirendra Shastri Nagpur: शिवरायों के अपमान पर नागपुर में तेज विरोध और माफी की मांग (Photo: RB / Jassi)

Shiv Sena protest against Dhirendra Shastri Nagpur: नागपुर में शिवाजी महाराज पर दिए गए विवादित बयान के खिलाफ शिवसेना ने जोरदार विरोध किया। सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और माफी की मांग की। नेताओं ने चेतावनी दी कि माफी नहीं मिलने पर आंदोलन और तेज होगा। पूरे मामले ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है और आगे की स्थिति पर नजर बनी हुई है।

Updated:
·by
Asfi Shadab
Asfi Shadab
Share:

विषयसूची

नागपुर में विरोध की तेज लहर

Shiv Sena protest against Dhirendra Shastri Nagpur: नागपुर। छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में आपत्तिजनक बयान देने वाले बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के विरुद्ध शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने मंगलवार को नागपुर में कड़ा विरोध प्रदर्शन किया।

महाल स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर आयोजित इस प्रदर्शन का नेतृत्व महानगर प्रमुख किशोर कुमेरिया और शहर प्रमुख संदीप रियाल पटेल ने किया। इनके साथ हरिभाऊ बनाईत, महिला आघाड़ी की डॉ. मंजुषा बोधनकर, सुरेखाताई खोब्रागड़े तथा युवा सेना के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। सैकड़ों शिवसैनिक, पदाधिकारी और शिवप्रेमी बड़ी संख्या में इस आंदोलन में शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज से कोई ऐतिहासिक संबंध न रखने वाले धीरेंद्र शास्त्री ने केवल अपना नाम चमकाने के लिए महाराज के बारे में आपत्तिजनक बयान दिया, जो महाराष्ट्र को कतई स्वीकार नहीं है।

Shiv Sena protest against Dhirendra Shastri Nagpur: शिवरायों के अपमान पर नागपुर में तेज विरोध और माफी की मांग
Shiv Sena protest against Dhirendra Shastri Nagpur: शिवरायों के अपमान पर नागपुर में तेज विरोध और माफी की मांग (Photo: RB / Jassi)

शिवसेना की सख्त चेतावनी

पदाधिकारियों ने चेतावनी दी — “छत्रपति शिवाजी महाराज हमारे आराध्य हैं। उनके बारे में गलत बयान महाराष्ट्र कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। धीरेंद्र शास्त्री तुरंत बिना शर्त माफी मांगें, अन्यथा महाराष्ट्र में बागेश्वर धाम का कोई कार्यक्रम नहीं होने दिया जाएगा।”

पूरा क्षेत्र “शिवरायों का अपमान बंद करो”, “माफी मांगो” और “महाराष्ट्र शिवरायों का है” जैसे नारों से गूंज उठा।

शिवसेना ने स्पष्ट किया है कि जब तक महाराज का अपमान करने वालों को सबक नहीं सिखाया जाता, शिवसैनिक चुप नहीं बैठेंगे। अब सभी की नजरें धीरेंद्र शास्त्री की प्रतिक्रिया और महाराष्ट्र में उनके आगामी कार्यक्रमों पर टिकी हैं।

Shiv Sena protest against Dhirendra Shastri Nagpur: शिवरायों के अपमान पर नागपुर में तेज विरोध और माफी की मांग
Shiv Sena protest against Dhirendra Shastri Nagpur: शिवरायों के अपमान पर नागपुर में तेज विरोध और माफी की मांग (Photo: RB / Jassi)

रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।