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महाराष्ट्र में नई योजनाओं से विकास को गति, बायोगैस नीति और आईटी पार्क को मंजूरी

महाराष्ट्र में नई योजनाओं से विकास को गति, बायोगैस नीति और आईटी पार्क को मंजूरी
Maharashtra Cabinet CBG policy IT Park Satara: महाराष्ट्र में नई योजना से विकास को बढ़ावा और रोजगार के अवसर (Image: AI)

Maharashtra Cabinet CBG policy IT Park Satara: महाराष्ट्र सरकार ने बायोगैस नीति 2026 लागू करने, शिक्षकों के वेतन सुधार और सातारा में आईटी पार्क बनाने का फैसला किया है। इन निर्णयों से पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा सुधार और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही भूमि नियमों में बदलाव से लोगों को अधिक सुविधा और पारदर्शिता मिलेगी।

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Asfi Shadab
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बायोगैस नीति से पर्यावरण और विकास को बढ़ावा

Maharashtra Cabinet CBG policy IT Park Satara: महाराष्ट्र, 22 अप्रैल 2026। बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इनमें पर्यावरण, शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और भूमि नीति से जुड़े निर्णय शामिल हैं।


सीबीजी नीति 2026 लागू होगी — 500 करोड़ का प्रावधान (नगर विकास विभाग)

राज्य में कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) नीति 2026 लागू करने का निर्णय लिया गया है। इस नीति के तहत प्रत्येक जिले में एक समन्वय समिति बनाई जाएगी। बायोगैस परियोजनाएं पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) और हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर विकसित की जाएंगी। इस वर्ष के लिए 500 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

इस योजना से ठोस कचरे का पर्यावरण के अनुकूल प्रबंधन होगा और ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है।


आदर्श महाविद्यालय शिक्षकों को यूजीसी के अनुसार मिलेगा वेतन (उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग)

राज्य के सात आदर्श महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देशों के अनुसार मूल वेतन दिया जाएगा। साथ ही, इन पदों पर कार्यरत शिक्षकों को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की भर्ती प्रक्रियाओं में अतिरिक्त अंक का लाभ भी मिलेगा।


सातारा में आईटी पार्क से रोजगार के नए अवसर

सातारा के नागेवाड़ी में बनेगा आईटी पार्क (राजस्व विभाग)

सातारा जिले के मौजे नागेवाड़ी में आईटी पार्क स्थापित करने के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई है। महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (MIDC) को इसके लिए 42.55 हेक्टेयर भूमि आवंटित की जाएगी। इससे क्षेत्र में आईटी उद्योग को गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार व व्यवसाय के नए अवसर तैयार होंगे।


भूमि धारणा सीमा में अधिमूल्य का पुनर्गठन (राजस्व विभाग)

राज्य में अधिकतम भूमि धारणा सीमा के अंतर्गत भोगवटादार वर्ग-2 से वर्ग-1 में परिवर्तन के लिए लागू अधिमूल्य का पुनर्गठन करने का निर्णय लिया गया। इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी करने को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।


इन सभी निर्णयों को शीघ्र अमल में लाने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए जाएंगे।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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