उद्धव ठाकरे की शिवसेना में बगावत! बैठक में नहीं पहुंचे 9 में से 6 सांसद; सभी को कारण बताओ नोटिस जारी

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (UBT) की अहम बैठक से 9 में से 6 सांसदों के गैरहाजिर रहने पर पार्टी ने सख्त रुख अपनाया है। सभी सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है, जबकि आगे की कार्रवाई की तैयारी भी शुरू हो गई है।
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Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी संकट खड़ा होता दिखाई दे रहा है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) यानी UBT गुट के भीतर बगावत की चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच आज गुरुवार को पार्टी द्वारा दिल्ली में बुलाई गई संसदीय दल की महत्वपूर्ण बैठक में 9 में से 6 लोकसभा सांसद शामिल नहीं हुए। खास बात यह है कि ये 6 सांसद पार्टी के लोकसभा सांसदों की कुल संख्या का दो-तिहाई हिस्सा हैं। इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए सभी अनुपस्थित सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
बैठक में 6 सांसदों की गैरमौजूदगी ने बढ़ाई हलचल
दरअसल, शिवसेना (UBT) ने अपने सभी सांसदों को दिल्ली स्थित संसद कार्यालय में होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए थ्री-लाइन व्हिप जारी किया था। इस बैठक में पार्टी की रणनीति और मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा होनी थी। लेकिन बैठक में केवल अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजभाऊ वाजे ही पहुंचे। इनके अलावा राज्यसभा सांसद संजय राउत भी मौजूद रहे। बाकी 6 सांसदों की गैरमौजूदगी ने पार्टी में नई हलचल पैदा कर दी।
सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने की चर्चा तेज
इस घटनाक्रम के बीच महाराष्ट्र में “ऑपरेशन टाइगर” की चर्चा भी तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि शिवसेना (UBT) के कई सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं और वे शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह 2022 की तरह एक और बड़ी राजनीतिक टूट साबित हो सकती है, जब एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद शिवसेना दो हिस्सों में बंट गई थी।
सभी 6 सांसदों पर होगी क़ानूनी कार्रवाई
बैठक के बाद संजय राउत ने बागी सांसदों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बैठक में शामिल न होना पार्टी व्हिप का उल्लंघन है और इसे धोखा, साजिश तथा गद्दारी के रूप में देखा जा रहा है। राउत ने कहा कि अनुपस्थित सांसदों से जवाब मांगा जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी व संगठनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ सांसद लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर अलग गुट को मान्यता दिलाने की कोशिश कर रहे हैं।
वहीं सांसद अनिल देसाई ने बताया कि सभी अनुपस्थित सांसदों को कारण बताओ नोटिस भेज दिया गया है। नोटिस में पूछा गया है कि पार्टी के स्पष्ट निर्देश के बावजूद वे बैठक में क्यों नहीं पहुंचे।
अब सबकी नजर बागी सांसदों के जवाब और पार्टी की अगली कार्रवाई पर टिकी है। यदि यह नाराजगी खुली बगावत में बदलती है, तो महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है।

