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Maharashtra News: आदिवासी शिक्षा और तकनीकी पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिमंडल के अहम फैसले

Maharashtra News: आदिवासी शिक्षा और तकनीकी पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिमंडल के अहम फैसले
Maharashtra Cabinet tribal education decision: आदिवासी बच्चों की पढ़ाई और इंजीनियरिंग शिक्षा को बढ़ाने का बड़ा फैसला (File Photo)

Maharashtra Cabinet tribal education decision: मंत्रिमंडल ने आदिवासी बच्चों की शिक्षा सुधारने और तकनीकी पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए अहम फैसले लिए हैं। आश्रमशालाओं को उच्च स्तर पर बढ़ाया जाएगा और सोलापुर में नए इंजीनियरिंग कोर्स शुरू होंगे। साथ ही एक इंजीनियरिंग कॉलेज को सरकार के अधीन लाकर उसकी गुणवत्ता सुधारने की दिशा में कदम उठाया गया है।

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Asfi Shadab
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आदिवासी छात्रों की पढ़ाई के लिए सरकार का बड़ा कदम

Maharashtra Cabinet tribal education decision: मुख्यमंत्री सचिवालय | मंत्रिमंडल के निर्णय (कुल – 3)

महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की बैठक में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े तीन अहम फैसले लिए गए, जो आदिवासी विद्यार्थियों से लेकर तकनीकी शिक्षा तक को प्रभावित करेंगे।

आदिवासी विकास विभाग

दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। मंत्रिमंडल ने पाँच प्राथमिक आश्रमशालाओं को माध्यमिक स्तर तक और 19 माध्यमिक आश्रमशालाओं को उच्च माध्यमिक (कनिष्ठ महाविद्यालय) स्तर तक उन्नत करने की मंजूरी दी है। इस फैसले से आदिवासी बच्चों को अपने ही क्षेत्र में उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा और बीच में पढ़ाई छोड़ने की समस्या कम होगी। आवश्यक शिक्षक व कर्मचारी पदों के सृजन और उनके खर्च की व्यवस्था को भी साथ ही स्वीकृति दी गई है।

सोलापुर और तुलजापुर में तकनीकी शिक्षा को मिलेगी नई मजबूती

उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग — सोलापुर

सोलापुर में एक नए शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय की स्थापना को हरी झंडी दी गई है। शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से यहाँ तीन पाठ्यक्रम शुरू होंगे — आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग, कंप्यूटर साइंस, और इलेक्ट्रॉनिक्स। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराना है।

उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग — तुलजापुर

तुलजापुर स्थित श्री तुलजाभवानी इंजीनियरिंग कॉलेज को राज्य सरकार के अधीन लेने का फैसला किया गया है। इस कदम से महाविद्यालय का सशक्तिकरण होगा और भविष्य में आधुनिक तथा रोजगारमुखी पाठ्यक्रम शुरू किए जाएँगे।

तीनों निर्णयों के क्रियान्वयन की दिशा में संबंधित विभाग जल्द ही आगे की प्रक्रिया शुरू करेंगे।


मुंबई/सोलापुर, 5 मई 2026। महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने मंगलवार को शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई अहम निर्णय लिए, जिनका सीधा असर आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों पर पड़ेगा।

आदिवासी आश्रमशालाओं का उन्नयन

आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा संचालित पाँच प्राथमिक और 19 माध्यमिक अनुदानित आश्रमशालाओं को उच्च श्रेणी में उन्नत करने की मंजूरी दी गई है। इस निर्णय के तहत प्राथमिक विद्यालयों को माध्यमिक स्तर तक और माध्यमिक विद्यालयों को कनिष्ठ महाविद्यालय स्तर तक उन्नत किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक पदों की सृजन और संबंधित खर्च की स्वीकृति भी सरकार ने प्रदान कर दी है। इस कदम से विशेष रूप से पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी बच्चों की शिक्षा को गति मिलने की उम्मीद है।

सोलापुर पॉलिटेक्निक में तीन नए इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम

उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत सोलापुर के शासकीय पॉलिटेक्निक में शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से तीन नए डिग्री स्तरीय इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन शामिल हैं। प्रत्येक पाठ्यक्रम की प्रवेश क्षमता 60 निर्धारित की गई है। यह निर्णय सोलापुर और आसपास के क्षेत्रों के छात्रों के लिए विशेष रूप से लाभदायक होगा।

तुलजापुर इंजीनियरिंग कॉलेज का हस्तांतरण

धाराशिव जिले के तुलजापुर स्थित श्री तुलजाभवानी इंजीनियरिंग महाविद्यालय को महाराष्ट्र सरकार को हस्तांतरित करने का भी निर्णय लिया गया है। सरकार के अनुसार इससे संस्थान का सशक्तिकरण होगा और छात्रों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

नए पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से प्रारंभ होने की संभावना है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।