उदयपुर में प्रेस वार्ता के दौरान गाजियाबाद जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग
VHP Alok Kumar Statement on Ghaziabad Incidents Udaipur: उदयपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने गाजियाबाद, दिल्ली, उदयपुर और महाराष्ट्र की कुछ घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने समाज और सरकार से मिलकर हिंसा और कट्टरता के खिलाफ कदम उठाने की अपील की। साथ ही समान नागरिक संहिता सहित कुछ अन्य मांगों का भी उल्लेख किया।
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उदयपुर की प्रेस वार्ता में उठे कई अहम मुद्दे
VHP Alok Kumar Statement on Ghaziabad Incidents Udaipur: राजसमंद (राजस्थान), 2 जून 2026। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार ने सोमवार को राजसमंद में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए गाजियाबाद में हुई नाबालिग हिंदू युवक की हत्या पर गहरी चिंता और तीखा रोष व्यक्त किया।
क्या है मामला
28 मई 2026 को बकरीद के दिन गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में 17 वर्षीय हिंदू युवक सूर्य चौहान को मित्र के नाम पर बुलाकर कुर्बानी के नाम पर निर्मम हत्या कर दी गई। आलोक कुमार ने इसे अकेली घटना नहीं, बल्कि एक व्यापक कट्टरपंथी प्रवृत्ति का हिस्सा बताया।
विहिप अध्यक्ष ने क्या कहा
उन्होंने कहा, “गाजियाबाद, दिल्ली और उदयपुर जैसी घटनाएँ किसी सामान्य आपराधिक प्रवृत्ति का परिणाम नहीं हैं, बल्कि ऐसी जिहादी कट्टरपंथी मानसिकता की अभिव्यक्ति हैं जो हिंदुओं के प्रति घृणा और हिंसक मनोवृत्ति को दर्शाती हैं।”
गाजियाबाद समेत हाल की घटनाओं पर आलोक कुमार ने जताई चिंता
उन्होंने इन घटनाओं की एक श्रृंखला गिनाई 4 मार्च 2026 को दिल्ली के उत्तम नगर में होली पर तरुण की हत्या, उदयपुर में स्कूल परिसर में छात्र देवराज पर प्राणघातक हमला, और महाराष्ट्र में उमेश कोल्हे की हत्या।
‘चयनात्मक मौन नैतिक दिवालियापन है’
आलोक कुमार ने तथाकथित सेक्युलर संगठनों और राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जब पीड़ित हिंदू समाज का व्यक्ति होता है तब मानवाधिकारवादियों और अनेक राजनीतिक दलों की आवाज़ क्यों बंद हो जाती है? यह चयनात्मक मौन न केवल नैतिक दिवालियापन है, बल्कि कट्टरपंथ को प्रोत्साहन देने का माध्यम भी बनता है।”
राजस्थान और केंद्र सरकार से माँगें
प्रेस वार्ता में आलोक कुमार ने राजस्थान सरकार से इसी वर्ष समान नागरिक संहिता लागू करने की माँग की। साथ ही केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि अनुसूचित जनजाति के धर्मांतरित व्यक्तियों को अनुसूचित जाति के अधिकारों से वंचित करने हेतु पुराने प्रेसिडेंशियल आदेश में संशोधन किया जाए।
विहिप ने हिंदू समाज से भी आह्वान किया कि वह संगठित, सजग और आत्मरक्षार्थ पुरुषार्थी बने। मामले में पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

