पश्चिम बंगाल में दिलीप घोष ने राज्य की राजनीति और आगामी चुनावों को लेकर रखी बात

दिलीप घोष पश्चिम बंगाल की राजनीति और चुनाव: दिलीप घोष ने अमित शाह से मुलाकात, राज्य की राजनीति और प्रशासन पर चर्चा की जानकारी दी। उन्होंने दुर्गापूजा में मुख्यमंत्री की तस्वीर लगाने की किसी सरकारी निर्देशिका से इनकार किया। विपक्षी बैठक, ममता बनर्जी की सभा, संगठन में बदलाव और नगरपालिका चुनाव पर भी उन्होंने बात रखी। भाजपा और एनसीपीआई के संभावित गठबंधन पर उन्होंने कहा कि अभी इंतजार करना चाहिए।
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राज्य की राजनीति और आगामी चुनावों पर दिलीप घोष की बात
दिलीप घोष पश्चिम बंगाल की राजनीति और चुनाव: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद राज्य की राजनीति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया, “राज्य की राजनीति, प्रशासनिक व्यवस्था, हर विषय पर बात हुई।”
दुर्गापूजा के दौरान मुख्यमंत्री की तस्वीर लगाने संबंधी निर्देश न दिए जाने को लेकर अपनी हालिया पोस्ट पर सफाई देते हुए दिलीप घोष ने कहा, “कुछ कार्यकर्ताओं ने क्या कहा, लोग यह जानना चाहते थे, इसीलिए मैंने मीडिया को बाइट दिया। मुख्यमंत्री या सरकार ने ऐसी कोई बात नहीं कही। सरकार अनुदान दे रही है, इसका मतलब यह नहीं कि सरकार कब्जा कर लेगी।”
आगामी सप्ताह इंडिया गठबंधन की बैठक को लेकर राहुल गांधी और ममता बनर्जी के बीच हुई फोन पर बातचीत पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, “अब उन्हें दिल्ली जाने की जरूरत है, क्योंकि यहां अब कुछ बचा नहीं है। जब वे बुला रहे थे, तब गईं नहीं। अब वे बुला रहे हैं, देखते हैं क्या होता है।”

हार के बाद ममता बनर्जी की पहली सभा को लेकर दिलीप घोष ने कहा, “करके देख लीजिए, कहां क्या है। हम भी चाहते हैं कि विपक्षी ताकत मजबूत हो, ताकि सरकार को सही रास्ते पर ले जाया जा सके।”
पार्टी में संगठनात्मक फेरबदल पर उन्होंने कहा, “चर्चा हो रही थी कि बदलाव होगा। हमारी पार्टी की भूमिका भी बदल गई है। हम सत्ता में आ चुके हैं। हमारे कार्यकर्ताओं और नेताओं में भी वह जिम्मेदारी आनी चाहिए, ताकि प्रशासन का काम ठीक तरीके से हो।”
आगामी नगर निकाय चुनाव पर उन्होंने कहा कि तैयारियां चल रही हैं और भाजपा हर समय तैयार रहती है। एनसीपी के साथ गठबंधन की संभावना पर उन्होंने कहा, “इंतजार कीजिए, देखिए कौन किस तरफ जाता है।”
आगे यह देखना अहम होगा कि नगर निकाय चुनाव में भाजपा और एनसीपी का गठबंधन वास्तव में होता है या नहीं।
रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

