West Bengal News: दुर्गापुर में पैसों के लालच में स्कूली बच्चों का खून बेचने वाला गिरोह बेनकाब

West Bengal News: दुर्गापुर ब्लड स्कैम में पुलिस की बड़ी कार्रवाई। पैसों का लालच देकर नाबालिगों से रक्तदान कराने के आरोप में 3 लोग गिरफ्तार अदालत ने 5 दिन की रिमांड पर भेजा।
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होटल से चल रहा था नेटवर्क, 3 आरोपी गिरफ्तार
West Bengal News: पश्चिम बंगाल के औद्योगिक शहर दुर्गापुर में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने शिक्षा संस्थान, स्वास्थ्य व्यवस्था और राजनीति तीनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूली छात्रों को जेब खर्च का झांसा देकर उनसे खून निकलवाने वाले एक खूनी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सत्ताधारी पार्टी की छात्र इकाई तृणमूल छात्र परिषद के एक स्थानीय नेता समेत 3 लोगों को धर दबोचा है। अदालत ने शुक्रवार को तीनों आरोपियों अमित प्रसाद यादव, देवप्रिय चक्रवर्ती और मोहम्मद हबीबुल्लाह को 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।
गहने गिरवी रखकर फैलाया था जाल
पुलिस की शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं वे बेहद चौंकाने वाले हैं। इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार मुचिपाड़ा का रहने वाला टीएमसीपी सदस्य अमित प्रसाद यादव बताया जा रहा है। अमित ने इसी स्कूल के पूर्व छात्र देवप्रिय चक्रवर्ती को पैसों की तंगी का फायदा उठाकर अपने जाल में फंसाया। देवप्रिय की माँ के सोने के गहने गिरवी रखकर उसे रकम दी गई और शर्त रखी गई कि जितने ज़्यादा नाबालिग छात्र लाओगे उतना ज़्यादा कमीशन पाओगे। इसके बाद देवप्रिय ने स्कूल के मासूम और कम उम्र के बच्चों को पैसों का लालच देना शुरू कर दिया।
होटल का कमरा बना था नया अड्डा
इस सिंडिकेट में तीसरा आरोपी मोहम्मद हबीबुल्लाह है जो मालदह का निवासी है और बिधाननगर के एक लॉज में काम करता है। आरोप है कि निजी अस्पताल के ठीक बगल में स्थित इसी होटल में स्कूली बच्चों को इकट्ठा किया जाता था जहा उनके उम्र के पहचान पत्रों के साथ छेड़छाड़ की जाती थी और फिर अस्पताल ले जाकर उनसे रक्तदान करवाया जाता था। फिलहाल दुर्गापुर पुलिस तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में अस्पताल प्रशासन के कौन-कौन से लोग शामिल थे।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

