Rashtra Bharat Logo

कोलकाता में दिलीप घोष ने तसलीमा नसरीन की वापसी, प्रश्नपत्र लीक, वंदे मातरम् विवाद और कई राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

कोलकाता में दिलीप घोष ने तसलीमा नसरीन की वापसी, प्रश्नपत्र लीक, वंदे मातरम् विवाद और कई राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
Dilip Ghosh Reaction on Taslima Nasrin Question Paper Leak Vande Mataram: कोलकाता में दिलीप घोष ने तसलीमा नसरीन की वापसी, प्रश्नपत्र लीक, वंदे मातरम् विवाद और कई राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। (Photo: RB / Ekbal)

Dilip Ghosh Reaction on Taslima Nasrin Question Paper Leak Vande Mataram: कोलकाता के न्यूटाउन में भाजपा नेता दिलीप घोष ने तसलीमा नसरीन की वापसी, प्रश्नपत्र लीक के मामलों, कांग्रेस के आरोप, पंजाब की घटनाओं, आरएसएस के रुख और वंदे मातरम् विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और सभी घटनाओं को समान नजर से देखा जाना चाहिए।

Updated:
·by
Asfi Shadab
Asfi Shadab
Share:

विषयसूची

राष्ट्रीय मुद्दों पर दिलीप घोष की प्रतिक्रिया

Dilip Ghosh Reaction on Taslima Nasrin Question Paper Leak Vande Mataram: कोलकाता के न्यूटाउन में भाजपा नेता दिलीप घोष ने मीडिया से बातचीत में कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। हमारे संवाददाता इकबाल मौके पर मौजूद रहे।

घोष ने सबसे पहले जानकारी दी कि लेखिका तसलीमा नसरीन 19 साल बाद आज कोलकाता आ रही हैं। इसके बाद उन्होंने दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का जिक्र किया। इस मामले पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से माफी मांगने और इस्तीफा देने की मांग की है। खड़गे ने पेपर लीक की घटना को छात्र-छात्राओं और उनके परिवारों के साथ धोखाधड़ी बताया। उनका कहना है कि 2024 में मूल कानून पास होते समय विपक्ष ने और सख्त कानून लाने की मांग उठाई थी। खड़गे ने यह भी बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान भी यह मुद्दा उठाया था।

प्रश्नपत्र लीक और वंदे मातरम् विवाद पर क्या बोले?

इस पर पलटवार करते हुए दिलीप घोष ने कहा कि पंजाब में भी पेपर लीक की घटना हुई है, लेकिन इस पर “ककरोच जनता पार्टी” चुप है। घोष ने यह दावा भी किया कि आरएसएस ने कहा है कि “ककरोच जनता पार्टी” को समझाने की कोशिश की जाए और इस मामले में कोई कार्रवाई न की जाए।

बातचीत में एक अन्य मुद्दे पर, एआईएमआईएम (AIMIM) सांसद असदुद्दीन ओवैसी के बयान का हवाला दिया गया। ओवैसी ने दावा किया है कि ‘वंदे मातरम्’ से जुड़ा विधेयक संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। ‘राष्ट्रीय सम्मान अवमानना निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026’ का विरोध करते हुए ओवैसी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ में देवी-देवताओं की वंदना है, और इसे अनिवार्य किए जाने पर संविधान के अनुच्छेद 25, 26 और 29 का उल्लंघन होगा। उन्होंने ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगीत का दर्जा दिए जाने पर भी सवाल उठाए हैं।

पेपर लीक विवाद और वंदे मातरम् विधेयक, दोनों मुद्दों पर आने वाले दिनों में संसद और सड़क दोनों जगह सियासी टकराव तेज होने के आसार हैं।


रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।