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Kolkata News: पुनर्वास के बिना हकारों को हटाने के विरोध में मध्य कोलकाता में निकली रैली

Kolkata News: पुनर्वास के बिना हकारों को हटाने के विरोध में मध्य कोलकाता में निकली रैली
Kolkata hawker eviction rehabilitation protest: पुनर्वास के बिना हकारों को हटाने के विरोध में मध्य कोलकाता में निकली रैली (Photo: RB / Ekbal)

Kolkata hawker eviction rehabilitation protest: मध्य कोलकाता में पश्चिम बंगाल आईएनटीयूसी सेवादल और मध्य कोलकाता महिला कांग्रेस ने हकारों के समर्थन में रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना किसी भी हकार को न हटाया जाए। नेताओं ने हकारों की आजीविका की सुरक्षा पर जोर दिया और चेतावनी दी कि हितों के खिलाफ निर्णय होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

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Asfi Shadab
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हकारों के पुनर्वास को लेकर उठी मजबूत मांग

Kolkata hawker eviction rehabilitation protest: कोलकाता। हॉकरों के अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर गुरुवार को मध्य कोलकाता में विरोध मार्च निकाला गया। पश्चिम बंगाल आईएनटीयूसी (INTUC) सेवादल और मध्य कोलकाता महिला कांग्रेस ने संयुक्त रूप से इस प्रदर्शन का आयोजन किया।

मार्च लेडी डफरिन कॉलेज के सामने से शुरू होकर बौबाजार चौराहे तक गया। प्रदर्शनकारियों ने “पुनर्वास के बिना हॉकर बेदखली नहीं” के नारे लगाते हुए राज्य प्रशासन से हॉकरों के हितों की सुरक्षा की मांग की।

Kolkata hawker eviction rehabilitation protest: पुनर्वास के बिना हकारों को हटाने के विरोध में मध्य कोलकाता में निकली रैली
Kolkata hawker eviction rehabilitation protest: पुनर्वास के बिना हकारों को हटाने के विरोध में मध्य कोलकाता में निकली रैली (Photo: RB / Ekbal)
Kolkata hawker eviction rehabilitation protest: पुनर्वास के बिना हकारों को हटाने के विरोध में मध्य कोलकाता में निकली रैली
Kolkata hawker eviction rehabilitation protest: पुनर्वास के बिना हकारों को हटाने के विरोध में मध्य कोलकाता में निकली रैली (Photo: RB / Ekbal)
Kolkata hawker eviction rehabilitation protest: पुनर्वास के बिना हकारों को हटाने के विरोध में मध्य कोलकाता में निकली रैली
Kolkata hawker eviction rehabilitation protest: पुनर्वास के बिना हकारों को हटाने के विरोध में मध्य कोलकाता में निकली रैली (Photo: RB / Ekbal)

आयोजकों का आरोप है कि शहर के कई इलाकों में हॉकर बेदखली की कार्रवाई की जा रही है, लेकिन उनके वैकल्पिक पुनर्वास की कोई स्पष्ट योजना नहीं है। इससे बड़ी संख्या में छोटे व्यापारियों और उनके परिवारों की आजीविका खतरे में पड़ रही है।

रैली में शामिल लोगों ने प्रशासन से की अपील

मार्च में पश्चिम बंगाल आईएनटीयूसी (INTUC) सेवादल के अध्यक्ष प्रमोद पांडे और दक्षिण 24 परगना जिला महिला कांग्रेस की अध्यक्ष पियाली सरकार समेत संगठन के अन्य नेता शामिल हुए। उन्होंने कहा कि हॉकर शहर की अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा हैं और उनकी आजीविका व रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि हॉकरों के हितों के विरुद्ध कोई निर्णय लिया गया तो आगे और बड़े आंदोलन किए जाएंगे।

मार्च के दौरान कुछ समय के लिए क्षेत्र में यातायात प्रभावित रहा, लेकिन पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

Kolkata hawker eviction rehabilitation protest: पुनर्वास के बिना हकारों को हटाने के विरोध में मध्य कोलकाता में निकली रैली
Kolkata hawker eviction rehabilitation protest: पुनर्वास के बिना हकारों को हटाने के विरोध में मध्य कोलकाता में निकली रैली (Photo: RB / Ekbal)
Kolkata hawker eviction rehabilitation protest: पुनर्वास के बिना हकारों को हटाने के विरोध में मध्य कोलकाता में निकली रैली
Kolkata hawker eviction rehabilitation protest: पुनर्वास के बिना हकारों को हटाने के विरोध में मध्य कोलकाता में निकली रैली (Photo: RB / Ekbal)
Kolkata hawker eviction rehabilitation protest: पुनर्वास के बिना हकारों को हटाने के विरोध में मध्य कोलकाता में निकली रैली
Kolkata hawker eviction rehabilitation protest: पुनर्वास के बिना हकारों को हटाने के विरोध में मध्य कोलकाता में निकली रैली (Photo: RB / Ekbal)

रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।