Rashtra Bharat Logo

देशभर परीक्षा माफिया पर रोक के लिए कठोर कानून का अभाविप ने किया स्वागत, विद्यार्थियों के हित में सुधार की मांग

देशभर परीक्षा माफिया पर रोक के लिए कठोर कानून का अभाविप ने किया स्वागत, विद्यार्थियों के हित में सुधार की मांग
ABVP exam mafia fast track court law: देशभर परीक्षा माफिया पर रोक के लिए कठोर कानून का अभाविप ने किया स्वागत, विद्यार्थियों के हित में सुधार की मांग (Image: AI)

ABVP exam mafia fast track court law: अभाविप ने परीक्षा माफिया के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट, कठोर कानून और प्रशासनिक सुधारों के सरकार के आश्वासन का स्वागत किया है। परिषद ने पेपर लीक रोकने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए उच्च स्तरीय समिति बनाने की मांग की। सोनम वांगचुक द्वारा भूख हड़ताल समाप्त करने के फैसले को भी सकारात्मक बताया गया।

Updated:
·by
Asfi Shadab
Asfi Shadab
Share:

विषयसूची

परीक्षा माफिया पर रोक के लिए सख्त कदमों की जरूरत

ABVP exam mafia fast track court law: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने परीक्षा माफिया के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और कठोर कानून लाने के सरकार के आश्वासन का स्वागत किया है। परिषद ने इसे विद्यार्थियों के हित में समयानुकूल और आवश्यक कदम बताया।

साथ ही, अभाविप ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा 26 दिनों से जारी भूख हड़ताल समाप्त करने के निर्णय को सकारात्मक बताते हुए उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

परिषद का कहना है कि वह लंबे समय से पेपर लीक, परीक्षा माफिया और परीक्षा प्रणाली में व्याप्त अनियमितताओं के खिलाफ संस्थागत सुधारों की मांग करती रही है। परिषद के अनुसार, फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिये दोषियों पर त्वरित कार्रवाई, प्रशासनिक बदलाव और प्रधानमंत्री द्वारा कठोरतम कानून लाने का आश्वासन विद्यार्थियों का विश्वास बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर कानून से बढ़ेगा विद्यार्थियों का भरोसा

परिषद ने केंद्र सरकार से परीक्षा व्यवस्था में स्थायी सुधार के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने की मांग की है, जो समयबद्ध तरीके से सुझाव देकर पारदर्शी, जवाबदेह और विद्यार्थी-केंद्रित परीक्षा प्रणाली विकसित करने का मार्ग प्रशस्त करे।

अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा, “परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम स्वागतयोग्य हैं। सोनम वांगचुक द्वारा भूख हड़ताल समाप्त करना संवाद और सकारात्मक समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय है। अब आवश्यकता है कि सरकार इन पहलों को व्यापक संस्थागत सुधारों से जोड़े और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए ऐसी परीक्षा व्यवस्था विकसित करे, जिस पर देश का प्रत्येक विद्यार्थी विश्वास कर सके।”

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इन आश्वासनों को कब तक ठोस नीतिगत रूप देती है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।