कोलकाता को साफ, सुंदर और हराभरा बनाने पर सरकार का जोर

Kolkata Swachhta Abhiyan Agnimitra Pal Statement: कोलकाता नगर निगम के स्वास्थ्य केंद्र में स्वच्छता अभियान की शुरुआत की गई। पुरमंत्री अग्निमित्रा पाल सहित कई मंत्रियों ने सफाई और पौधारोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने स्वच्छता को आदत बनाने, गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई, कानून के पालन, अभया मामले में न्याय और राज्य के बजट को लेकर सरकार की सोच पर अपनी बात रखी।
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कोलकाता को स्वच्छ और हराभरा बनाने के लिए विशेष अभियान
Kolkata Swachhta Abhiyan Agnimitra Pal Statement: कोलकाता नगर निगम के 72 नंबर वार्ड स्थित सुस्वास्थ्य केंद्र में आयोजित “स्वच्छता से स्वागत” कार्यक्रम में आज पुरमंत्री अग्निमित्रा पाल शामिल हुईं। यह क्षेत्र भवानीपुर विधानसभा के अंतर्गत आता है। कार्यक्रम में राज्य के अर्थमंत्री स्वपन दाशगुप्ता, सूचना एवं संस्कृति मंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती तथा कोलकाता नगर निगम की प्रशासक स्मिता पांडे भी मौजूद रहीं।
कार्यक्रम के दौरान मंत्रियों ने स्वास्थ्य केंद्र परिसर में झाड़ू लगाकर सफाई अभियान में भाग लिया। साथ ही स्वास्थ्य केंद्र से सटे पार्क में हरित अभियान के तहत पौधारोपण भी किया गया।
अग्निमित्रा पाल ने कहा, “स्वच्छता है स्वागत। पांच दिन का स्वच्छता कार्यक्रम चल रहा है। अपने शहर को स्वच्छ रखना हमारी दिनचर्या का हिस्सा बनना चाहिए। लक्ष्य सिर्फ पांच दिन का नहीं है। कोलकाता को सुंदर, स्वच्छ और हरित बनाना है। 1 सितंबर से जुर्माना शुरू किया जाएगा। सड़क पर थूकने, गंदगी फैलाने, प्लास्टिक का उपयोग करने और सार्वजनिक स्थानों पर पेशाब करने वालों पर कार्रवाई होगी।”



उदयन गुहा और सुषांत घोष के मुद्दे पर उन्होंने कहा, “अगर सुषांत घोष जैसे लोग भाग भी जाएं तो उन्हें कोई नहीं बचा पाएगा। यदि किसी ने भ्रष्टाचार किया है, लोगों को धमकाया है या अत्याचार किया है, तो कानून के अनुसार उसे सजा मिलेगी।”
अरूप विश्वास को लेकर उन्होंने कहा, “अरूप विश्वास के खिलाफ लोगों ने जो आरोप लगाए हैं, उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हजारों लड़के-लड़कियां पैसा जमा कर मेसी को देखने आए थे, लेकिन उनका सपना टूट गया। केवल भ्रष्टाचार ही नहीं, लोगों के सपने तोड़ने पर भी जवाब देना होगा।”
स्वच्छता को रोजमर्रा की आदत बनाने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री की सुरक्षा वापसी के सवाल पर उन्होंने कहा, “यह उनका व्यक्तिगत फैसला है कि वह राज्य या केंद्र की सुरक्षा लें या नहीं। 15 साल तक उन्होंने खुद को सुरक्षित रखा और अब सुरक्षा नहीं लेने की बात कर रही हैं।”
अभया मामले पर अग्निमित्रा पाल ने कहा, “अभया को अभी तक न्याय नहीं मिला है। मामला अदालत में है इसलिए राजनीतिक टिप्पणी नहीं करूंगी, लेकिन परिवार को न्याय मिलना चाहिए और सभी संबंधित लोगों से पूछताछ होनी चाहिए।”
डायमंड हार्बर एसडीओ मामले पर उन्होंने कहा, “चाहे कोई विधायक हो, सांसद हो, पार्षद हो या पुलिस अधिकारी, अगर गलत किया है तो सजा जरूर मिलेगी।”
बजट को लेकर उनका कहना था, “फिलहाल विभागवार बजट नहीं, बल्कि सामान्य बजट तैयार किया जा रहा है। पिछली सरकार द्वारा लिए गए ऋण को देखते हुए दिशा-निर्देश बनाए जाएंगे, जिसके बाद विस्तृत बजट पेश किया जाएगा।”
कोलकाता से कार्यक्रम की कवरेज के दौरान दिए गए इन बयानों ने राज्य की राजनीति और प्रशासनिक मुद्दों पर नई चर्चा को जन्म दिया है। आगे इन मुद्दों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर नजर रहेगी।


रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

