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North 24 Parganas News: तीन बार बुलावे के बाद आखिरकार थाने पहुंचे अरूप विश्वास, पुराने मामले में शुरू हुई पूछताछ

North 24 Parganas News: तीन बार बुलावे के बाद आखिरकार थाने पहुंचे अरूप विश्वास, पुराने मामले में शुरू हुई पूछताछ
Arup Biswas Bidhannagar South Police Station appearance: तीन बार बुलावे के बाद आखिरकार थाने पहुंचे अरूप विश्वास, पुराने मामले में शुरू हुई पूछताछ (Image: AI)

Arup Biswas Bidhannagar South Police Station appearance: मेसी के कोलकाता दौरे से जुड़े पुराने विवाद में तृणमूल नेता अरूप विश्वास आज बिधाननगर दक्षिण थाने पहुंचे। उन्हें पहले तीन बार बुलाया गया था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए थे। शिकायतकर्ता शतद्रु दत्त ने उनके खिलाफ आरोप लगाए थे। आज जांच अधिकारियों ने उनसे पूछताछ शुरू की। मामले की आगे की जांच जारी है।

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Asfi Shadab
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अरूप विश्वास से पूछताछ के साथ जांच में आई नई तेजी

Arup Biswas Bidhannagar South Police Station appearance: बिधाननगर/साल्टलेक (उत्तर 24 परगना): तीन बार समन टालने के बाद पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिश्वास आज बिधाननगर दक्षिण थाने में पेश हुए। जांच अधिकारियों ने तुरंत उनसे पूछताछ शुरू कर दी।

क्या है मामला?

मेसी के कोलकाता दौरे के आयोजक शतद्रु दत्त ने अरूप बिश्वास के खिलाफ बिधाननगर दक्षिण थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शतद्रु दत्त ही मेसी को कोलकाता लेकर आए थे और साल्टलेक स्टेडियम में कार्यक्रम का आयोजन किया था।

शिकायत के अनुसार, उस समय खेल मंत्री रहे अरूप बिश्वास ने जबरदस्ती मैदान में प्रवेश किया। उन्होंने मेसी के साथ फोटो खिंचवाई और अपनी पत्नी सहित अन्य लोगों को भी मैदान में प्रवेश करा दिया। इसके अलावा शतद्रु के दफ्तर से जबरन बड़ी संख्या में टिकट भी लिए गए।

तीन बार बुलावे के बाद आखिरकार थाने पहुंचे नेता

कार्यक्रम के दौरान मैदान में केवल 10-12 लोगों की उपस्थिति तय थी, लेकिन हजारों की भीड़ घुस आई। मेसी को ठीक से न देख पाने पर भीड़ ने युवभारती परिसर में उत्पात मचाया। इस घटना के बाद शतद्रु दत्त को गिरफ्तार कर लिया गया था।

राजनीतिक बदलाव के बाद पलटवार

िधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन के बाद शतद्रु दत्त ने अरूप बिश्वास के खिलाफ मानहानि का मुकदमा और एफआईआर (FIR) दर्ज कराई। इससे पहले अरूप बिश्वास के भाई स्वरूप बिश्वास को गिरफ्तार किया जा चुका है।

लंबे समय तक सार्वजनिक नजरों से दूर रहे अरूप बिश्वास को तीन बार थाने में तलब किया गया था, लेकिन वे हर बार हाजिरी से बचते रहे। आज पेश होने के बाद उनसे पूछताछ जारी है।


रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।