Kolkata: पश्चिम बंगाल में बढ़ती हिंसा पर दिलीप घोष का हमला, कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
Suvendu Adhikari PA shot dead Kolkata post-election violence: भाजपा नेता दिलीप घोष ने पश्चिम में बढ़ती हिंसा, हत्या और गोलीबारी की घटनाओं को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बिगड़ रही है और प्रशासन को तुरंत सख्त कदम उठाने चाहिए। एंटाली और बसिरहाट की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने असामाजिक तत्वों पर भी निशाना साधा।
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कोलकाता में चुनाव बाद हिंसा थमी नहीं, दिलीप घोष ने दी चेतावनी
Suvendu Adhikari PA shot dead Kolkata post-election violence: कोलकाता। गुरुवार की सुबह इकोपार्क में मॉर्निंग वॉक के दौरान भाजपा नेता दिलीप घोष ने राज्य में जारी चुनाव बाद की हिंसा पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (निजी सचिव) की गोली मारकर हत्या, एंटाली में धारदार हथियार से हत्या और बशीरहाट में गोलीबारी की घटनाओं के बीच घोष ने तृणमूल कांग्रेस और राज्य प्रशासन दोनों को आड़े हाथ लिया।

शुभेंदु के निजी सचिव की हत्या पर घोष का बयान
दिलीप घोष ने कहा, “जो लोग कह रहे हैं कि हिंसा हो रही है, वे हिंसा रोक नहीं रहे। कल भी कहा था — अगर यह नहीं रुका तो इसका प्रतिरोध और प्रतिकार होगा। गोली और बंदूक की संस्कृति हम बंद करेंगे।”उन्होंने राज्य के पुलिस मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, “जो पुलिस मंत्री हैं, वे ड्रामा करने में व्यस्त हैं। उन्होंने जीवन में कोई काम सफलतापूर्वक नहीं किया। ममता बंदोपाध्याय जिन गुंडों को राजनीति में लाई हैं, उसकी कीमत सबको चुकानी पड़ रही है।”

एंटाली हत्याकांड पर बोले घोष
एंटाली में हुई धारदार हथियार से हत्या के बारे में घोष ने कहा, “सभी बदमाश और असामाजिक तत्व टीएमसी के भीतर हैं। एक गुट खा रहा था, दूसरे को नहीं दे रहा था — अब वे बदला ले रहे हैं। यह तृणमूल का आंतरिक मामला है जो बाहर आ रहा है। इसमें भाजपा का कोई संबंध नहीं, इसलिए पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”
बशीरहाट हिंसा और भाजपा की आंतरिक सख्ती
बशीरहाट में गोलीबारी और लूटपाट की घटनाओं पर घोष ने कहा, “जब तक हमारी सरकार नहीं बनती, हम कुछ नहीं कर सकते। लेकिन पुलिस प्रशासन और चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कानून-व्यवस्था बनी रहे।” साथ ही उन्होंने अपनी पार्टी के नेताओं को भी चेतावनी दी कि किसी भी असामाजिक तत्व को भाजपा में प्रवेश न दिया जाए — “जो भी ऐसा करेगा, उसका हिसाब होगा।”राज्य में हिंसा की इन घटनाओं को लेकर चुनाव आयोग और पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में सरकार गठन की प्रक्रिया के बीच कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सबकी नजरें टिकी हैं।
रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

