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Mahua Moitra: महुआ मोईत्रा याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का इनकार

Mahua Moitra: महुआ मोईत्रा याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का इनकार
Mahua Moitra: महुआ मोईत्रा को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। कृष्णनगर सर्किट हाउस विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया। जानिए क्या है पूरा मामला।(File Photo)

Mahua Moitra: महुआ मोईत्रा को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। कृष्णनगर सर्किट हाउस विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया। जानिए क्या है पूरा मामला।

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Shinki Singh
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सर्किट हाउस विवाद

Mahua Moitra: तृणमूल कांग्रेस की फायरब्रांड सांसद महुआ मोईत्रा और पश्चिम बंगाल के नदिया जिला प्रशासन के बीच कृष्णनगर सर्किट हाउस से जुड़ा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। सर्किट हाउस से कथित तौर पर जबरन बेदखल करने के प्रयासों को महुआ मोईत्रा ने ‘संवैधानिक मर्यादा और संघीय ढांचे पर सीधा हमला’ करार दिया है। इस मामले को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था जहां से उन्हें तत्काल राहत नहीं मिली है।

सुप्रीम कोर्ट में तत्काल सुनवाई से इनकार

संसद का मानसून सत्र समाप्त होने के बाद अपने संसदीय क्षेत्र कृष्णनगर पहुंचने पर उपजे विवाद के बाद महुआ मोईत्रा ने अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिकाकर्ता के वकील ने मुख्य न्यायाधीश के समक्ष दलील दी कि एक महिला सांसद को आधी रात को सरकारी आवास से बाहर करना गंभीर संवैधानिक उल्लंघन है और इसके लिए स्वतंत्र जांच की जरूरत है।हालांकि, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने इस मामले की तत्काल सुनवाई से साफ इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत की पीठ ने याचिका पर कोई तत्काल आदेश देने की बजाय इसे नियम के अनुसार उचित प्रक्रिया के तहत विचार करने की बात कही।

आधी रात का हाई-वोल्टेज ड्रामा

  • कमरा खाली करने का फरमान: सांसद महुआ मोईत्रा का आरोप है कि रात 9:47 बजे अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने फोन कर उन्हें तुरंत कमरा खाली करने का निर्देश दिया। इसके बाद रात 10:52 बजे उन्हें व्हाट्सएप पर 12 अगस्त की तारीख का एक पुराना आदेश भेजा गया, जिसमें ‘रखरखाव और सफाई’ के नाम पर परिसर को बंद करने का हवाला दिया गया था।

  • बाहर भीड़ और नारेबाजी: जब सांसद ने कलकत्ता हाईकोर्ट के संरक्षण आदेश और एक सांसद के अधिकारों का हवाला देते हुए कमरा खाली करने से इनकार किया, तो सर्किट हाउस के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। टीएमसी सांसद का दावा है कि डीएम और एसपी आवास के ठीक सामने इस तरह भीड़ का जुटना और नारेबाजी होना प्रशासनिक मिलीभगत को दर्शाता है।

  • लोकसभा अध्यक्ष को पत्र: इस घटना के बाद ममता बनर्जी गुट की सांसद महुआ मोईत्रा ने लोकसभा सचिवालय में अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर विशेषाधिकार हनन की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने नदिया के डीएम, एडीएम और डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव का नोटिस भी सौंपा है।

रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

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शिंकी सिंह (Shinki Singh) पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग एक दशक का अनुभव रखती हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में दैनिक सन्मार्ग से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जहाँ कई वर्षों तक फील्ड रिपोर्टिंग और न्यूज़ डेस्क की जिम्मेदारियाँ निभाईं। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक सरोकारों, महिला मुद्दों और जनहित से जुड़े विषयों पर व्यापक रिपोर्टिंग की। इसके साथ ही न्यूज़ एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त किया, जिससे डिजिटल और मल्टीमीडिया पत्रकारिता की उनकी समझ और अधिक सशक्त हुई। इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर से जुड़कर हार्ड न्यूज़, समसामयिक घटनाओं और लाइफस्टाइल पत्रकारिता सहित विभिन्न विषयों पर रिपोर्टिंग और लेखन किया। तथ्यपरक, निष्पक्ष और संतुलित पत्रकारिता में विश्वास रखते हुए वे प्रत्येक समाचार को विश्वसनीय स्रोतों, तथ्यों के सत्यापन और गहन अध्ययन के आधार पर प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देती हैं। वर्तमान में शिंकी सिंह राष्ट्र भारत से जुड़ी हैं, जहाँ वे राष्ट्रीय, राजनीतिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े विषयों पर समाचार, विश्लेषण और विशेष रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। शैक्षणिक रूप से उन्होंने महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक से बी.एड. की शिक्षा प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से इतिहास एवं अंग्रेज़ी विषयों में स्नातकोत्तर (Master's) की डिग्री हासिल की है। वे पत्रकारिता में निरंतर सीखने, बदलते मीडिया परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को अपडेट रखने तथा तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रकाशित करने में विश्वास रखती हैं।