West Bengal News: आंगनवाड़ी केंद्रों में 38 हजार पद खाली, सेवाएं बाधित होने की आशंका

West Bengal News: आंगनवाड़ी केंद्रों में 38 हजार पद खाली होने से सेवाएं बाधित होने की आशंका है। वेतन बढ़ने के बावजूद नियुक्ति अटकी। पश्चिम बंगाल की भोजन व्यवस्था पर केंद्रीय दल ने की सराहना।
विषयसूची
वेतन बढ़ने के बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया अटकी
West Bengal News: राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद पहले ही पूर्ण बजट में आंगनवाड़ी या आईसीडीएस केंद्रों के कार्यकर्ताओं और हेल्पर्स का वेतन 5 हजार रुपये तक बढ़ा दिया गया था। लेकिन राज्यभर के कई केंद्रों पर लंबे समय से कोई नई नियुक्ति नहीं हुई है। इसके चलते वर्तमान में राज्य के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों को मिलाकर रिक्त पदों की कुल संख्या बढ़कर 38 हजार तक पहुंच गई है। इनमें करीब 15 हजार पद कार्यकर्ताओं के और 23 हजार पद हेल्पर्स के खाली हैं। नतीजतन राज्य के कई इलाकों में पौष्टिक आहार वितरण सेवाएं बाधित होने की आशंका बनी हुई है। इस गंभीर समस्या से बचने के लिए जल्द से जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।
केंद्रीय दल का राज्य दौरा और उच्चस्तरीय बैठक
हाल ही में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी के नेतृत्व में लगभग 50 लोगों का एक केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल दो दिवसीय राज्य दौरे पर आया था। इस दल में विभाग की राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर और केंद्रीय सचिव अनिल मलिक भी शामिल थे। कोलकाता के बाईपास के पास स्थित एक होटल में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग के विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।
बंगाल की भोजन व्यवस्था की हुई सराहना
बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य ने प्लेट-प्रति भोजन के लिए आवंटन दो रुपये बढ़ा दिया है। साथ ही केंद्र से वित्तीय आवंटन बढ़ाने का भी अनुरोध किया गया है। पश्चिम बंगाल में पका हुआ भोजन परोसे जाने की व्यवस्था की केंद्रीय दल ने जमकर तारीफ की है। उनके अनुसार, राज्यभर में रोजाना 1 लाख 19 हजार भोजन परोसने की अनूठी व्यवस्था केवल आंगनवाड़ी केंद्रों में देखने को मिलती है जबकि अन्य राज्यों में लाभार्थियों के हाथों में केवल ‘टेक होम राशन’ सूखे राशन के पैकेट थमा दिए जाते हैं।
जल्द भरे जाएंगे खाली पद
कर्मचारियों की भारी कमी के कारण जमीनी स्तर के काम प्रभावित न हों, इसके लिए लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने पर विशेष जोर देने की बात केंद्रीय दल ने कही है। बैठक में मौजूद रहीं राज्य की समाज कल्याण मंत्री ने भी इस विषय को पूरी गंभीरता से देखने और जल्द समाधान निकालने का आश्वासन दिया है। बजट में मानदेय बढ़ाए जाने के बाद अब इन रिक्त पदों को समय पर भरना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गया है।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

