Rashtra Bharat Logo

पूर्व बर्धमान में पटसन किसानों की बढ़ी चिंता, पानी की कमी और कम दाम से बढ़ा नुकसान

पूर्व बर्धमान में पटसन किसानों की बढ़ी चिंता, पानी की कमी और कम दाम से बढ़ा नुकसान
Purba Bardhaman Jute Farmers Water and Low Price Crisis: पूर्व बर्धमान में पटसन किसानों की बढ़ी चिंता, पानी की कमी और कम दाम से बढ़ा नुकसान (Photo: RB / Ekbal)

Purba Bardhaman Jute Farmers Water and Low Price Crisis: पूर्व बर्धमान के मनमोहनपुर किशोरगंज इलाके में बारिश की कमी के कारण किसान पैसे देकर नलकूप का पानी खरीदकर खेत में ही पटसन सड़ा रहे हैं। दूसरी ओर बाजार में पटसन का दाम केवल सात से आठ हजार रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है। किसानों का कहना है कि इस साल खेती में केवल नुकसान हो रहा है।

Updated:
·by
Asfi Shadab
Asfi Shadab
Share:

विषयसूची

पानी की कमी और कम दाम से बढ़ी किसानों की चिंता

Purba Bardhaman Jute Farmers Water and Low Price Crisis: पूर्व बर्धमान जिले के नादनघाट थाना क्षेत्र के मनमोहनपुर किशोरगंज इलाके में जूट किसान इस साल दोहरी मार झेल रहे हैं। न तो आसमान से पर्याप्त बारिश हो रही है, न ही जूट का सही दाम मिल रहा है।

रिपोर्टर ने आज सुबह मौके पर पहुंचकर देखा कि पर्याप्त बारिश न होने के कारण किसान गहरे नलकूप से पानी खरीदकर, खेतों में ही चौबाच्चा (पानी का टैंक) बनाकर जूट सड़ाने को मजबूर हैं।

Purba Bardhaman Jute Farmers Water and Low Price Crisis: पूर्व बर्धमान में पटसन किसानों की बढ़ी चिंता, पानी की कमी और कम दाम से बढ़ा नुकसान
Purba Bardhaman Jute Farmers Water and Low Price Crisis: पूर्व बर्धमान में पटसन किसानों की बढ़ी चिंता, पानी की कमी और कम दाम से बढ़ा नुकसान (Photo: RB / Ekbal)
Purba Bardhaman Jute Farmers Water and Low Price Crisis: पूर्व बर्धमान में पटसन किसानों की बढ़ी चिंता, पानी की कमी और कम दाम से बढ़ा नुकसान
Purba Bardhaman Jute Farmers Water and Low Price Crisis: पूर्व बर्धमान में पटसन किसानों की बढ़ी चिंता, पानी की कमी और कम दाम से बढ़ा नुकसान (Photo: RB / Ekbal)

पटसन की खेती में बढ़ता खर्च, घटती कमाई

किसानों का कहना है कि इस साल जूट का दाम भी बेहद कम है। बाजार में जूट सात से आठ हजार रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिक रहा है। खेतमजूर की मजदूरी चुकाने के बाद किसानों को सिर्फ घाटा ही हाथ लग रहा है।

स्थानीय किसानों की मांग है कि प्रशासन जूट की खरीद कीमत बढ़ाने और सिंचाई के लिए बेहतर जल व्यवस्था करने पर ध्यान दे, ताकि आने वाले सीजन में उन्हें इस संकट से राहत मिल सके।

Purba Bardhaman Jute Farmers Water and Low Price Crisis: पूर्व बर्धमान में पटसन किसानों की बढ़ी चिंता, पानी की कमी और कम दाम से बढ़ा नुकसान
Purba Bardhaman Jute Farmers Water and Low Price Crisis: पूर्व बर्धमान में पटसन किसानों की बढ़ी चिंता, पानी की कमी और कम दाम से बढ़ा नुकसान (Photo: RB / Ekbal)
Purba Bardhaman Jute Farmers Water and Low Price Crisis: पूर्व बर्धमान में पटसन किसानों की बढ़ी चिंता, पानी की कमी और कम दाम से बढ़ा नुकसान
Purba Bardhaman Jute Farmers Water and Low Price Crisis: पूर्व बर्धमान में पटसन किसानों की बढ़ी चिंता, पानी की कमी और कम दाम से बढ़ा नुकसान (Photo: RB / Ekbal)

रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।