बंगाल के 60 लाख बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत,सोमवार से बढ़े हुए 1500 रुपये भत्ते का भुगतान शुरू

पश्चिम बंगाल में 7 सितंबर से 60 लाख बुजुर्गों को मिलेगा बढ़ा हुआ ₹1500 वृद्धावस्था भत्ता। विधवा और दिव्यांग सहायता राशि भी होगी जारी। जानें पूरी खबर।
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बंगाल में बढ़ा वृद्धावस्था भत्ता
पश्चिम बंगाल सरकार ने वृद्धावस्था भत्ता 1000 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये करने की घोषणा राज्य सरकार पहले ही कर चुकी है। अब बढ़ी हुई राशि लाभार्थियों के खातों में पहुंचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सूत्रों के अनुसार राज्य में 60 वर्ष से अधिक आयु के करीब 60 लाख लोग इस सुविधा का लाभ उठाएंगे। राज्य सरकार आगामी सोमवार 7 सितंबर से आधिकारिक रूप से बढ़ी हुई दर पर वृद्धावस्था भत्ता भेजना शुरू करेगी। एक-दो दिनों के भीतर सभी लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी दिन विधवा भत्ता और विशेष रूप से सक्षम लोगों को मिलने वाली वित्तीय सहायता भी बढ़ी हुई दर पर देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
60 लाख में से 20 लाख को मिलता है केंद्रीय सहयोग
नबान्न सूत्रों के अनुसार 60 लाख लाभार्थियों में करीब 20 लाख केंद्र सहायता प्राप्त राष्ट्रीय सामाजिक सहायता योजना के तहत भत्ता पा रहे हैं। इस योजना में 60 से 79 वर्ष के लाभार्थियों के लिए केंद्र सरकार का योगदान 200 रुपये जबकि 80 वर्ष से अधिक उम्र वालों के लिए 500 रुपये है। बाकी राशि राज्य सरकार अपने खजाने से देती है। अब राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली कुल राशि बढ़ाकर 1500 रुपये की जाएगी। शेष करीब 40 लाख लाभार्थियों को समाज कल्याण विभाग की राज्य सरकार की अपनी योजना के तहत भत्ता मिलेगा। इन लाभार्थियों के लिए पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
भुगतान प्रक्रिया पर लगातार निगरानी
लाभार्थियों के खातों में राशि भेजने में किसी तरह की गड़बड़ी न हो इसके लिए जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ एक वर्चुअल बैठक भी हुई। नबान्न इस प्रक्रिया में किसी तरह की अव्यवस्था नहीं चाहता और भुगतान व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है।
राजनीतिक सवाल भी उठे
हालांकि भत्ते की राशि को लेकर राजनीतिक सवाल भी उठ रहे हैं। भाजपा ने चुनावी वादे में वृद्धावस्था भत्ता दोगुना कर 2000 रुपये करने का आश्वासन दिया था। ऐसे में अब 1500 रुपये किए जाने पर सवाल उठ रहा है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक राशि चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने की योजना है। फिलहाल 500 रुपये की वृद्धि की गई है और नए वित्त वर्ष में इसे 2000 रुपये तक करने पर विचार है।
नए आवेदनों के लिए नियम स्पष्ट
भविष्य के नए आवेदनों को लेकर सरकार ने स्पष्ट किया है कि पिछली सरकार के समय के बिना सत्यापन वाले सभी लंबित आवेदन रद्द कर दिए गए हैं। अब नए सिरे से आवेदन लिए जाएंगे और पूरी तरह सत्यापन के बाद ही पात्र नागरिकों के नाम लाभार्थी सूची में जोड़े जाएंगे।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

