बंगाल में अब राशन दुकानों पर सस्ते दामों पर मिलेंगे दाल और मेवा

राशन दुकानों पर अब गेहूं-चावल के साथ दाल, मेवा और 117 जरूरी सामान भी सस्ते दामों पर मिलेंगे जानें नैफेड की नई योजना की पूरी जानकारी।
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राशन दुकानों की नई योजना,जानें कहां-कहां मिलेगा सस्ता दाल-मेवा
केंद्र सरकार ने आम उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत देने और राशन दुकानदारों के राजस्व को बढ़ाने के मकसद से एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ के तहत मिलने वाले गेहूं और चावल के साथ-साथ अब सरकारी राशन दुकानों पर रोजमर्रा इस्तेमाल की अन्य जरूरी चीजें भी बेहद किफायती दामों पर उपलब्ध होंगी। इस अहम पहल के लिए नैफेड और ‘ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन’ के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
अब ‘नैफेड फेयर प्राइस पॉइंट’ के नाम से जानी जाएंगी दुकानें
इस समझौते के बाद अब इन सरकारी दुकानों को ‘नैफेड फेयर प्राइस पॉइंट’ के नाम से जाना जाएगा। फेडरेशन के महासचिव विश्वंभर बसु के अनुसार, इन केंद्रों पर नैफेड की ओर से दाल, दलिया, सोयाबीन और ड्राई फ्रूट्स सहित कुल 117 जरूरी खाद्य सामग्रियां बाजार मूल्य से काफी सस्ती दरों पर बेची जाएंगी। देश में पहले चरण के तहत इस पायलट प्रोजेक्ट को पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में लॉन्च किया जा रहा है जिसे जल्द ही पूरे देश में लागू करने की योजना है।
क्यूआर कोड से थमेगी कालाबाजारी
राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और घटतौली या खाद्यान्न चोरी को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। अब केंद्रीय गोदामों से राशन दुकानों के लिए भेजी जाने वाली अनाज की बोरियों पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा। इससे अनाज की मात्रा, गुणवत्ता, पैकिंग की तारीख और परिवहन के समय की लाइव ट्रैकिंग हो सकेगी।
सत्यापन प्रणाली पर बंगाल सरकार से जवाब तलब
राशन कार्डधारकों के सत्यापन को लेकर केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच गतिरोध की स्थिति बन गई है। फेडरेशन का आरोप है कि राज्य सरकार कार्डधारकों के मिलान के लिए मोबाइल ओटीपी प्रणाली को स्वीकार करने से इनकार कर रही है। फेडरेशन की शिकायत पर केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने स्पष्ट किया है कि इस मुद्दे पर राज्य सरकार से लिखित जवाब मांगा जाएगा।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

