
समुद्री हवाओं की गति से बढ़ा चक्रवात का खतरा बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दाब क्षेत्र अब तेजी से चक्रवाती तूफान में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की ताज़ा जानकारी के अनुसार, यह प्रणाली मलक्का जलडमरूमध्य से अंडमान क्षेत्र में सक्रिय होते हुए पश्चिम-उत्तर दिशा में आगे बढ़ने लगी है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह प्रणाली निकट भविष्य में अवसाद तथा फिर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकती है। तटीय क्षेत्रों में संभावित जोखिम को देखते हुए समुद्री गतिविधियों पर नजर बढ़ा दी गई है। तमिलनाडु और पुडुचेरी में शुरू

समुद्री हवाओं की गति से बढ़ा चक्रवात का खतरा बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दाब क्षेत्र अब तेजी से चक्रवाती तूफान में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की ताज़ा जानकारी के अनुसार, यह प्रणाली मलक्का जलडमरूमध्य से अंडमान क्षेत्र में सक्रिय होते हुए पश्चिम-उत्तर दिशा में आगे बढ़ने लगी है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह प्रणाली निकट भविष्य में अवसाद तथा फिर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकती है। तटीय क्षेत्रों में संभावित जोखिम को देखते हुए समुद्री गतिविधियों पर नजर बढ़ा दी गई है। तमिलनाडु और पुडुचेरी में शुरू

चक्रवात ‘मोंथा’ की रफ्तार धीमी, मगर असर बरकरार ओडिशा में चक्रवात ‘मोंथा’ के कमजोर पड़ने के बावजूद कई ज़िलों में मंगलवार रात से लगातार बारिश और तेज़ हवाएं जारी रहीं। भुवनेश्वर, कटक, पुरी, बालासोर, और मयूरभंज में लोगों को भारी जलभराव और जनजीवन अस्त-व्यस्त होने की स्थिति का सामना करना पड़ा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि चक्रवात अब कमज़ोर होकर ‘डीप डिप्रेशन’ में तब्दील हो गया है, लेकिन उसके अवशेष अभी भी राज्य के कई हिस्सों में सक्रिय हैं। ओडिशा के तटीय ज़िलों में बारिश और हवाओं का कहर मौसम विभाग के मुताबिक, ओडिशा के तटीय इलाकों में

चक्रवात ‘मोंथा’ की रफ्तार धीमी, मगर असर बरकरार ओडिशा में चक्रवात ‘मोंथा’ के कमजोर पड़ने के बावजूद कई ज़िलों में मंगलवार रात से लगातार बारिश और तेज़ हवाएं जारी रहीं। भुवनेश्वर, कटक, पुरी, बालासोर, और मयूरभंज में लोगों को भारी जलभराव और जनजीवन अस्त-व्यस्त होने की स्थिति का सामना करना पड़ा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि चक्रवात अब कमज़ोर होकर ‘डीप डिप्रेशन’ में तब्दील हो गया है, लेकिन उसके अवशेष अभी भी राज्य के कई हिस्सों में सक्रिय हैं। ओडिशा के तटीय ज़िलों में बारिश और हवाओं का कहर मौसम विभाग के मुताबिक, ओडिशा के तटीय इलाकों में

चक्रवात मोंथा का कहर: आज शाम आंध्र तट पर देगा दस्तक भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ (Cyclone Montha) आज यानी 28 अक्टूबर की शाम या रात तक आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के पास मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच तट से टकरा सकता है। यह तूफान इस समय मछलीपट्टनम से 120 किमी, काकीनाडा से 200 किमी और विशाखापत्तनम से 290 किमी की दूरी पर केंद्रित है और पिछले छह घंटों में लगभग 12 किमी प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ रहा है। IMD ने जारी की हाई

चक्रवात मोंथा का कहर: आज शाम आंध्र तट पर देगा दस्तक भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ (Cyclone Montha) आज यानी 28 अक्टूबर की शाम या रात तक आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के पास मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच तट से टकरा सकता है। यह तूफान इस समय मछलीपट्टनम से 120 किमी, काकीनाडा से 200 किमी और विशाखापत्तनम से 290 किमी की दूरी पर केंद्रित है और पिछले छह घंटों में लगभग 12 किमी प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ रहा है। IMD ने जारी की हाई

चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का कहर: तीन राज्यों में रेड अलर्ट, ट्रेनें और फ्लाइटें रद्द भारत के पूर्वी तटीय इलाकों में खतरे की घंटी बज चुकी है। बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ (Cyclone Montha) अब तेजी से आंध्र प्रदेश के तटों की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार सुबह अपडेट जारी करते हुए कहा कि यह तूफान अगले कुछ घंटों में समुद्र तटों से टकरा सकता है। 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाएं आईएमडी के अनुसार, ‘मोंथा’ ने पिछले छह घंटों में करीब 15 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तरपश्चिम

चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का कहर: तीन राज्यों में रेड अलर्ट, ट्रेनें और फ्लाइटें रद्द भारत के पूर्वी तटीय इलाकों में खतरे की घंटी बज चुकी है। बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ (Cyclone Montha) अब तेजी से आंध्र प्रदेश के तटों की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार सुबह अपडेट जारी करते हुए कहा कि यह तूफान अगले कुछ घंटों में समुद्र तटों से टकरा सकता है। 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाएं आईएमडी के अनुसार, ‘मोंथा’ ने पिछले छह घंटों में करीब 15 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तरपश्चिम

चक्रवात ‘मोंथा’ का खतरा: एनडीआरएफ ने 45 टीमें तैनात कीं, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में जारी अलर्ट नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (PTI): देश के पूर्वी तटीय इलाकों में चक्रवात ‘मोंथा’ के बढ़ते खतरे को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने 45 रेस्क्यू टीमों को राहत और बचाव कार्यों के लिए तैयार कर दिया है। यह चक्रवात मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों को प्रभावित करेगा, जबकि झारखंड और तमिलनाडु में भी भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। कितनी टीमें और कहां तैनात NDRF ने बताया कि 45 टीमों में से 25 टीमों को

चक्रवात ‘मोंथा’ का खतरा: एनडीआरएफ ने 45 टीमें तैनात कीं, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में जारी अलर्ट नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (PTI): देश के पूर्वी तटीय इलाकों में चक्रवात ‘मोंथा’ के बढ़ते खतरे को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने 45 रेस्क्यू टीमों को राहत और बचाव कार्यों के लिए तैयार कर दिया है। यह चक्रवात मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों को प्रभावित करेगा, जबकि झारखंड और तमिलनाडु में भी भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। कितनी टीमें और कहां तैनात NDRF ने बताया कि 45 टीमों में से 25 टीमों को

चक्रवात ‘मोंथा’ बना गंभीर तूफ़ान, आंध्र प्रदेश के तट पर बढ़ा खतरा बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य भाग में उठे चक्रवात ‘मोंथा’ ने अब गंभीर रूप धारण कर लिया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि यह तूफ़ान मंगलवार शाम या रात तक आंध्र प्रदेश के काकीनाडा और मछलीपट्टनम के बीच तट से टकरा सकता है। इस दौरान अधिकतम हवा की गति 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है, जबकि झोंकों की रफ्तार 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। मोंथा चक्रवात की स्थिति और दिशा आईएमडी की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, ‘मोंथा’

चक्रवात ‘मोंथा’ बना गंभीर तूफ़ान, आंध्र प्रदेश के तट पर बढ़ा खतरा बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य भाग में उठे चक्रवात ‘मोंथा’ ने अब गंभीर रूप धारण कर लिया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि यह तूफ़ान मंगलवार शाम या रात तक आंध्र प्रदेश के काकीनाडा और मछलीपट्टनम के बीच तट से टकरा सकता है। इस दौरान अधिकतम हवा की गति 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है, जबकि झोंकों की रफ्तार 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। मोंथा चक्रवात की स्थिति और दिशा आईएमडी की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, ‘मोंथा’

आंध्र प्रदेश / ओडिशा।साइक्लोन ‘मोंथा’ के करीब आने से पहले तटीय इलाकों में दहशत का माहौल है। बंगाल की खाड़ी से उठ रहा यह तूफान जैसे-जैसे तट के करीब पहुंच रहा है, गांवों की गलियों से लेकर मछुआरों की बस्तियों तक चिंता की लहर फैल गई है। समुद्र तट खाली, मछुआरों ने छोड़ी नावें विशाखापट्टनम, काकीनाडा और गोपालपुर जैसे समुद्र तटीय इलाकों में मछुआरे अपनी नावें किनारे पर खींच लाए हैं।सरकार ने मछली पकड़ने पर रोक लगा दी है और सभी नौकाओं को बंदरगाहों पर लौटने के निर्देश दिए हैं।काकीनाडा के मछुआरे रमेश नायडू ने बताया — “हमने 15 साल

आंध्र प्रदेश / ओडिशा।साइक्लोन ‘मोंथा’ के करीब आने से पहले तटीय इलाकों में दहशत का माहौल है। बंगाल की खाड़ी से उठ रहा यह तूफान जैसे-जैसे तट के करीब पहुंच रहा है, गांवों की गलियों से लेकर मछुआरों की बस्तियों तक चिंता की लहर फैल गई है। समुद्र तट खाली, मछुआरों ने छोड़ी नावें विशाखापट्टनम, काकीनाडा और गोपालपुर जैसे समुद्र तटीय इलाकों में मछुआरे अपनी नावें किनारे पर खींच लाए हैं।सरकार ने मछली पकड़ने पर रोक लगा दी है और सभी नौकाओं को बंदरगाहों पर लौटने के निर्देश दिए हैं।काकीनाडा के मछुआरे रमेश नायडू ने बताया — “हमने 15 साल

‘शक्ति’ चक्रवात ने लिया तीव्र रूप भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अरब सागर में विकसित हुआ ‘शक्ति’ चक्रवात अब ‘तीव्र तूफ़ान’ में बदल गया है। यह 2025 में उत्तर हिंद महासागर बेसिन में विकसित पहला तूफ़ान है। हालांकि, यह भारतीय तट से काफी दूर है, इसलिए पश्चिमी तट के लिए प्रत्यक्ष खतरा नहीं है। IMD ने बताया कि पिछले छह घंटों में चक्रवात पश्चिम की ओर 13 किमी/घंटा की गति से बढ़ा और इसकी हवा की गति 90-100 किमी/घंटा (गुस्तिंग 110 किमी/घंटा) तक पहुँच गई है। समुद्री और तटीय स्थिति चक्रवात द्वारका से 420 किमी पश्चिम, नालिया से 420

‘शक्ति’ चक्रवात ने लिया तीव्र रूप भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अरब सागर में विकसित हुआ ‘शक्ति’ चक्रवात अब ‘तीव्र तूफ़ान’ में बदल गया है। यह 2025 में उत्तर हिंद महासागर बेसिन में विकसित पहला तूफ़ान है। हालांकि, यह भारतीय तट से काफी दूर है, इसलिए पश्चिमी तट के लिए प्रत्यक्ष खतरा नहीं है। IMD ने बताया कि पिछले छह घंटों में चक्रवात पश्चिम की ओर 13 किमी/घंटा की गति से बढ़ा और इसकी हवा की गति 90-100 किमी/घंटा (गुस्तिंग 110 किमी/घंटा) तक पहुँच गई है। समुद्री और तटीय स्थिति चक्रवात द्वारका से 420 किमी पश्चिम, नालिया से 420