
महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया दौर शुरू हो गया है। राज्य भर में नगरसेवक चुनाव की तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं। आज से इन चुनावों के लिए नामांकन पत्र भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस मौके पर सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं में जोश और उत्साह देखने को मिला। कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी समेत तमाम दलों ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है। नगरसेवक चुनाव स्थानीय शासन व्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। इन चुनावों में जीतने वाले प्रतिनिधि सीधे तौर पर आम जनता की समस्याओं को हल करने का काम करते हैं।

महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया दौर शुरू हो गया है। राज्य भर में नगरसेवक चुनाव की तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं। आज से इन चुनावों के लिए नामांकन पत्र भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस मौके पर सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं में जोश और उत्साह देखने को मिला। कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी समेत तमाम दलों ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है। नगरसेवक चुनाव स्थानीय शासन व्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। इन चुनावों में जीतने वाले प्रतिनिधि सीधे तौर पर आम जनता की समस्याओं को हल करने का काम करते हैं।

सीवान जिले में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर मतदान कर्मियों के मतदान अधिकारों को प्रभावित करने की गंभीर स्थिति सामने आई है। जिले में कुल २९०८ मतदान केंद्र हैं, जहाँ लगभग १५,००० से अधिक मतदानकर्मी चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने में लगे हैं। बावजूद इसके, केवल लगभग २,००० कर्मियों को ही वोट डालने का अवसर मिल पा रहा है। यह स्थिति न केवल लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है, बल्कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष की कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी

सीवान जिले में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर मतदान कर्मियों के मतदान अधिकारों को प्रभावित करने की गंभीर स्थिति सामने आई है। जिले में कुल २९०८ मतदान केंद्र हैं, जहाँ लगभग १५,००० से अधिक मतदानकर्मी चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने में लगे हैं। बावजूद इसके, केवल लगभग २,००० कर्मियों को ही वोट डालने का अवसर मिल पा रहा है। यह स्थिति न केवल लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है, बल्कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष की कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी

बिहार की राजनीतिक जमीन इन दिनों उबल रही है। 2025 के विधान सभा चुनावों से पहले एनडीए में सीटों का बंटवारा अंतिम रूप ले चुका है और उसके बाद तालमेल और नाराज़गी की लकीर स्पष्ट होने लगी है। इस बीच हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने सार्वजनिक रूप से एक तीखा बयान दिया है कि “6 सीटें दी गईं, जो सही नहीं है… इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ सकता है।” यह बयान न केवल हम दल की नाराज़गी को दर्शाता है, बल्कि आगामी चुनावी रणनीति एवं गठबंधन के भीतर आगामी हलचल की दिशा को

बिहार की राजनीतिक जमीन इन दिनों उबल रही है। 2025 के विधान सभा चुनावों से पहले एनडीए में सीटों का बंटवारा अंतिम रूप ले चुका है और उसके बाद तालमेल और नाराज़गी की लकीर स्पष्ट होने लगी है। इस बीच हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने सार्वजनिक रूप से एक तीखा बयान दिया है कि “6 सीटें दी गईं, जो सही नहीं है… इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ सकता है।” यह बयान न केवल हम दल की नाराज़गी को दर्शाता है, बल्कि आगामी चुनावी रणनीति एवं गठबंधन के भीतर आगामी हलचल की दिशा को

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने Purnia में “Owaisi BJP Attack” करते हुए सीमांचल की जनता पर बदनाम करने के आरोप लगाए केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला पूर्णिया। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पूर्णिया में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में केंद्र सरकार और बीजेपी (BJP) पर तीखा हमला बोला। सीमांचल (Seemanchal) क्षेत्र में जनसंख्या और राजनीतिक मुद्दों पर उन्होंने केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि बीजेपी लगातार इस क्षेत्र की जनता को बदनाम करने का प्रयास कर रही है। सीमांचल में डेमोग्राफी पर सवाल ओवैसी ने कहा, “सीमांचल में डेमोग्राफी बदलने की बात करने वाले पहले

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने Purnia में “Owaisi BJP Attack” करते हुए सीमांचल की जनता पर बदनाम करने के आरोप लगाए केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला पूर्णिया। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पूर्णिया में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में केंद्र सरकार और बीजेपी (BJP) पर तीखा हमला बोला। सीमांचल (Seemanchal) क्षेत्र में जनसंख्या और राजनीतिक मुद्दों पर उन्होंने केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि बीजेपी लगातार इस क्षेत्र की जनता को बदनाम करने का प्रयास कर रही है। सीमांचल में डेमोग्राफी पर सवाल ओवैसी ने कहा, “सीमांचल में डेमोग्राफी बदलने की बात करने वाले पहले