
हिंगोली जिले के औंढा नागनाथ तहसील के शिरड शहापुर गांव में एक गंभीर आर्थिक ठगी का मामला सामने आया है। यहां हल्दी का व्यापार करने वाले एक स्थानीय व्यापारी को गुजरात के व्यापारियों ने लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाया है। यह मामला केवल एक व्यक्ति की ठगी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे कृषि और व्यापार क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। यह घटना दिखाती है कि कैसे भरोसे और व्यापारिक रिश्तों का गलत फायदा उठाकर छोटे और मध्यम व्यापारियों को आर्थिक संकट में डाला जा रहा है। शिरड शहापुर के व्यापारी ने मेहनत से

हिंगोली जिले के औंढा नागनाथ तहसील के शिरड शहापुर गांव में एक गंभीर आर्थिक ठगी का मामला सामने आया है। यहां हल्दी का व्यापार करने वाले एक स्थानीय व्यापारी को गुजरात के व्यापारियों ने लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाया है। यह मामला केवल एक व्यक्ति की ठगी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे कृषि और व्यापार क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। यह घटना दिखाती है कि कैसे भरोसे और व्यापारिक रिश्तों का गलत फायदा उठाकर छोटे और मध्यम व्यापारियों को आर्थिक संकट में डाला जा रहा है। शिरड शहापुर के व्यापारी ने मेहनत से

कलमनुरी तहसील में रेत माफिया का बढ़ता आतंक प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में स्थित इस तहसील में रेत तस्करों ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को धमकाने और हमला करने में कोई संकोच नहीं दिखाया है। हाल ही में दो अलग-अलग घटनाओं में रेत माफिया ने मंडल अधिकारियों को जान से मारने की धमकी दी है, जिसके बाद कलमनुरी पुलिस थाने में मामले दर्ज किए गए हैं। रेत तस्करी रोकने के लिए चल रहा विशेष अभियान कलमनुरी तालुका क्षेत्र में कयाधू नदी और अन्य रेत घाटों से रेत की अवैध ढुलाई को रोकने

कलमनुरी तहसील में रेत माफिया का बढ़ता आतंक प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में स्थित इस तहसील में रेत तस्करों ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को धमकाने और हमला करने में कोई संकोच नहीं दिखाया है। हाल ही में दो अलग-अलग घटनाओं में रेत माफिया ने मंडल अधिकारियों को जान से मारने की धमकी दी है, जिसके बाद कलमनुरी पुलिस थाने में मामले दर्ज किए गए हैं। रेत तस्करी रोकने के लिए चल रहा विशेष अभियान कलमनुरी तालुका क्षेत्र में कयाधू नदी और अन्य रेत घाटों से रेत की अवैध ढुलाई को रोकने

हिंगोली में नगर पालिका मतगणना पर संकट हिंगोली शहर की नगर पालिका के लिए तीन दिसंबर को मतगणना होनी है, लेकिन इस बार मतगणना को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। शहर में इस चुनाव को लेकर पहले से ही काफी चर्चा थी, लेकिन अब मतगणना के समय को लेकर उठे विवाद ने राजनीतिक माहौल को और भी गरमा दिया है। शहर के नेता, उम्मीदवार, पक्ष-विपक्ष के कार्यकर्ता और आम नागरिक सभी इस मामले पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। अदालत में सुनवाई होने से बढ़ी उत्सुकता मतगणना पर संकट इसलिए आया है क्योंकि एक याचिका औरंगाबाद उच्च न्यायालय

हिंगोली में नगर पालिका मतगणना पर संकट हिंगोली शहर की नगर पालिका के लिए तीन दिसंबर को मतगणना होनी है, लेकिन इस बार मतगणना को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। शहर में इस चुनाव को लेकर पहले से ही काफी चर्चा थी, लेकिन अब मतगणना के समय को लेकर उठे विवाद ने राजनीतिक माहौल को और भी गरमा दिया है। शहर के नेता, उम्मीदवार, पक्ष-विपक्ष के कार्यकर्ता और आम नागरिक सभी इस मामले पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। अदालत में सुनवाई होने से बढ़ी उत्सुकता मतगणना पर संकट इसलिए आया है क्योंकि एक याचिका औरंगाबाद उच्च न्यायालय

हिंगोली में अवैध रेत खनन पर प्रशासन का कड़ा प्रहार हिंगोली जिले में अवैध रेत खनन पर नियंत्रण के लिए प्रशासनिक स्तर पर सख्त कार्रवाई जारी है। जिले के औंधा नागनाथ तहसील के अंखली नदी तट पर रविवार देर शाम राजस्व विभाग को गुप्त सूचना मिली कि कुछ व्यक्ति ट्रैक्टरों के माध्यम से अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर रहे हैं। सूचना के आधार पर राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर छापा मारा। जैसे ही तस्करों ने टीम को आते देखा, वे अपने ट्रैक्टरों सहित वहां से भागने लगे। इसी दौरान एक ट्रैक्टर असंतुलित

हिंगोली में अवैध रेत खनन पर प्रशासन का कड़ा प्रहार हिंगोली जिले में अवैध रेत खनन पर नियंत्रण के लिए प्रशासनिक स्तर पर सख्त कार्रवाई जारी है। जिले के औंधा नागनाथ तहसील के अंखली नदी तट पर रविवार देर शाम राजस्व विभाग को गुप्त सूचना मिली कि कुछ व्यक्ति ट्रैक्टरों के माध्यम से अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर रहे हैं। सूचना के आधार पर राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर छापा मारा। जैसे ही तस्करों ने टीम को आते देखा, वे अपने ट्रैक्टरों सहित वहां से भागने लगे। इसी दौरान एक ट्रैक्टर असंतुलित

हिंगोली में बेमौसम मूसलधार बारिश ने मचाई हलचल महाराष्ट्र राज्य के हिंगोली जिले में 24 अक्टूबर 2025 को अपराह्न अचानक मूसलधार बारिश ने शहरवासियों को चौंका दिया। यह बारिश मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुरूप थी, जिसने अगले दो दिनों के लिए मराठवाड़ा क्षेत्र में तेज बारिश की संभावना जताई थी। मौसम विभाग की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 21 अक्टूबर को मराठवाड़ा क्षेत्र के लिए पीला चेतावनी जारी की थी, जिसमें अगले तीन दिनों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना जताई गई थी। हिंगोली जिले को भी इस चेतावनी में शामिल

हिंगोली में बेमौसम मूसलधार बारिश ने मचाई हलचल महाराष्ट्र राज्य के हिंगोली जिले में 24 अक्टूबर 2025 को अपराह्न अचानक मूसलधार बारिश ने शहरवासियों को चौंका दिया। यह बारिश मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुरूप थी, जिसने अगले दो दिनों के लिए मराठवाड़ा क्षेत्र में तेज बारिश की संभावना जताई थी। मौसम विभाग की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 21 अक्टूबर को मराठवाड़ा क्षेत्र के लिए पीला चेतावनी जारी की थी, जिसमें अगले तीन दिनों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना जताई गई थी। हिंगोली जिले को भी इस चेतावनी में शामिल

Hingoli Farmers Protest: खरबी-ईसापुर लिंक परियोजना के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल हिंगोली जिले में Hingoli Farmers Protest ने एक नई ऊँचाई हासिल कर ली है। लगभग 40 गांवों के किसान Kharbi-Isapur Link Project के खिलाफ indefinite hunger strike पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि इस परियोजना के माध्यम से Kayadhu River का पानी अवैध रूप से ईसापुर बाँध और आगे Pengaṅga River की ओर मोड़ा जा रहा है। किसानों का नेतृत्व कर रहे डॉ. रमेश शिंदे ने साफ किया है कि चाहे उनकी जान चली जाए, लेकिन वह किसी भी हाल में कयाधु नदी का पानी ईसापुर बाँध में

Hingoli Farmers Protest: खरबी-ईसापुर लिंक परियोजना के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल हिंगोली जिले में Hingoli Farmers Protest ने एक नई ऊँचाई हासिल कर ली है। लगभग 40 गांवों के किसान Kharbi-Isapur Link Project के खिलाफ indefinite hunger strike पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि इस परियोजना के माध्यम से Kayadhu River का पानी अवैध रूप से ईसापुर बाँध और आगे Pengaṅga River की ओर मोड़ा जा रहा है। किसानों का नेतृत्व कर रहे डॉ. रमेश शिंदे ने साफ किया है कि चाहे उनकी जान चली जाए, लेकिन वह किसी भी हाल में कयाधु नदी का पानी ईसापुर बाँध में

Hingoli Farmers Protest: Uproar Over Crop Insurance Non-Payment Hingoli: Hingoli जिले के किसानों ने 24 सितंबर को अपने गुस्से का इजहार करते हुए Hingoli Farmers Protest किया। भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के कारण मूंग, उड़द, सोयाबीन, कपास, हल्दी और ज्वार जैसी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुईं, लेकिन बीमा राशि का भुगतान अब तक नहीं हुआ। इसी पर क्रांतिकारी किसान संगठन, Revolutionary Kisan Sangh, ने बीमा कंपनी के कार्यालय में प्रदर्शन कर तोड़फोड़ की। संगठन के पदाधिकारी नामदेव पतंगे, सखाराम भाकरे और गजानन काले ने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत की पूरी भरपाई मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि

Hingoli Farmers Protest: Uproar Over Crop Insurance Non-Payment Hingoli: Hingoli जिले के किसानों ने 24 सितंबर को अपने गुस्से का इजहार करते हुए Hingoli Farmers Protest किया। भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के कारण मूंग, उड़द, सोयाबीन, कपास, हल्दी और ज्वार जैसी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुईं, लेकिन बीमा राशि का भुगतान अब तक नहीं हुआ। इसी पर क्रांतिकारी किसान संगठन, Revolutionary Kisan Sangh, ने बीमा कंपनी के कार्यालय में प्रदर्शन कर तोड़फोड़ की। संगठन के पदाधिकारी नामदेव पतंगे, सखाराम भाकरे और गजानन काले ने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत की पूरी भरपाई मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि

हिंगोली जिले की कृषी उपज बाजार समिती (APMC) में चल रहा विवाद अब पुलिस थाने तक पहुंच गया है। Hingoli APMC Dispute उस समय और गहराया जब प्रशासक के रूप में नियुक्त महिला अधिकारी को धमकाने और शासकीय कामकाज में बाधा डालने के आरोप में 10 पूर्व संचालकों पर केस दर्ज हुआ। चुनावी पृष्ठभूमि और सत्ता समीकरण वर्ष 2023 में हिंगोली APMC चुनाव बेहद चर्चा में रहे। कांग्रेस, भाजपा और दोनों शिवसेना गुटों ने मिलकर ‘संत नामदेव पैनल’ बनाया और 18 में से 10 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं, राकांपा (शरद पवार गुट) समर्थित ‘परिवर्तन पैनल’ ने 6 सीटों

हिंगोली जिले की कृषी उपज बाजार समिती (APMC) में चल रहा विवाद अब पुलिस थाने तक पहुंच गया है। Hingoli APMC Dispute उस समय और गहराया जब प्रशासक के रूप में नियुक्त महिला अधिकारी को धमकाने और शासकीय कामकाज में बाधा डालने के आरोप में 10 पूर्व संचालकों पर केस दर्ज हुआ। चुनावी पृष्ठभूमि और सत्ता समीकरण वर्ष 2023 में हिंगोली APMC चुनाव बेहद चर्चा में रहे। कांग्रेस, भाजपा और दोनों शिवसेना गुटों ने मिलकर ‘संत नामदेव पैनल’ बनाया और 18 में से 10 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं, राकांपा (शरद पवार गुट) समर्थित ‘परिवर्तन पैनल’ ने 6 सीटों