
हिंगोली नगर परिषद चुनाव में तनाव का माहौल महाराष्ट्र के हिंगोली शहर में इस बार नगर परिषद चुनाव बेहद तनाव भरे माहौल में पूरा हुआ। यह चुनाव पहले से ही काफी चर्चा में था क्योंकि शिवसेना शिंदे गुट के विधायक संतोष बांगर ने अपनी भाभी को चुनाव मैदान में उतारा था। इसके बाद से पिछले एक महीने से शहर में लगातार तनाव बना हुआ था। लोगों के बीच आपसी मतभेद बढ़ गए थे और माहौल काफी गरमाया हुआ था। मतदान से एक दिन पहले भी हुआ विवाद मतदान से ठीक एक दिन पहले भी शहर के अलग अलग इलाकों में

हिंगोली नगर परिषद चुनाव में तनाव का माहौल महाराष्ट्र के हिंगोली शहर में इस बार नगर परिषद चुनाव बेहद तनाव भरे माहौल में पूरा हुआ। यह चुनाव पहले से ही काफी चर्चा में था क्योंकि शिवसेना शिंदे गुट के विधायक संतोष बांगर ने अपनी भाभी को चुनाव मैदान में उतारा था। इसके बाद से पिछले एक महीने से शहर में लगातार तनाव बना हुआ था। लोगों के बीच आपसी मतभेद बढ़ गए थे और माहौल काफी गरमाया हुआ था। मतदान से एक दिन पहले भी हुआ विवाद मतदान से ठीक एक दिन पहले भी शहर के अलग अलग इलाकों में

हिंगोली में नगर पालिका मतगणना पर संकट हिंगोली शहर की नगर पालिका के लिए तीन दिसंबर को मतगणना होनी है, लेकिन इस बार मतगणना को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। शहर में इस चुनाव को लेकर पहले से ही काफी चर्चा थी, लेकिन अब मतगणना के समय को लेकर उठे विवाद ने राजनीतिक माहौल को और भी गरमा दिया है। शहर के नेता, उम्मीदवार, पक्ष-विपक्ष के कार्यकर्ता और आम नागरिक सभी इस मामले पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। अदालत में सुनवाई होने से बढ़ी उत्सुकता मतगणना पर संकट इसलिए आया है क्योंकि एक याचिका औरंगाबाद उच्च न्यायालय

हिंगोली में नगर पालिका मतगणना पर संकट हिंगोली शहर की नगर पालिका के लिए तीन दिसंबर को मतगणना होनी है, लेकिन इस बार मतगणना को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। शहर में इस चुनाव को लेकर पहले से ही काफी चर्चा थी, लेकिन अब मतगणना के समय को लेकर उठे विवाद ने राजनीतिक माहौल को और भी गरमा दिया है। शहर के नेता, उम्मीदवार, पक्ष-विपक्ष के कार्यकर्ता और आम नागरिक सभी इस मामले पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। अदालत में सुनवाई होने से बढ़ी उत्सुकता मतगणना पर संकट इसलिए आया है क्योंकि एक याचिका औरंगाबाद उच्च न्यायालय

हिंगोली जिले की राजनीति और सहकारिता क्षेत्र में इस समय सबसे बड़ी चर्चा का विषय है – Power Shift in Hingoli Krushi Market। हिंगोली कृषी उपज बाजार समिती (Hingoli Krushi Upaj Bazaar Samiti) का संचालक मंडल महज दो वर्षों में ही बर्खास्त कर दिया गया है और अब इसकी बागडोर सीधे प्रशासक को सौंप दी गई है। यह फैसला न केवल सहकारिता क्षेत्र बल्कि स्थानीय राजनीति में भी हलचल मचा रहा है। राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी विधानसभा चुनावों से जोड़कर देख रहे हैं। विलनीकरण का निर्णय और असर 5 सितंबर को हिंगोली कृऊबा के संचालक मंडल को बर्खास्त कर दिया

हिंगोली जिले की राजनीति और सहकारिता क्षेत्र में इस समय सबसे बड़ी चर्चा का विषय है – Power Shift in Hingoli Krushi Market। हिंगोली कृषी उपज बाजार समिती (Hingoli Krushi Upaj Bazaar Samiti) का संचालक मंडल महज दो वर्षों में ही बर्खास्त कर दिया गया है और अब इसकी बागडोर सीधे प्रशासक को सौंप दी गई है। यह फैसला न केवल सहकारिता क्षेत्र बल्कि स्थानीय राजनीति में भी हलचल मचा रहा है। राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी विधानसभा चुनावों से जोड़कर देख रहे हैं। विलनीकरण का निर्णय और असर 5 सितंबर को हिंगोली कृऊबा के संचालक मंडल को बर्खास्त कर दिया