
आतिश दांडेगांवकर का भाजपा में प्रवेश, राकांपा को बड़ा झटका Atish Dandegaonkar Joins BJP: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पूर्व मंत्री जयप्रकाश दाँडेगावकर के सुपुत्र आतिश जयप्रकाश दाँडेगावकर करेंगे भाजपा में प्रवेश। कल गुरुवार को मुंबई में आतिश जयप्रकाश दांडेगांवकर का भाजपा में प्रवेश होने जा रहा है। उसके पूर्व बुधवार को मुंबई रवाना होने के पहले आतिश दांडेगांवकर ने बसमत शहर में शक्ति प्रदर्शन किया और अपने सैकड़ो समर्थकों के साथ मुंबई की ओर रवाना हुए। आतिश दाँडेगावकर के पिताजी जयप्रकाश दाँडेगावकर राकांपा में पूर्व सहकार मंत्री रह चुके हैं तथा दो बार विधायक भी रह चुके हैं, बसमत विधानसभा

आतिश दांडेगांवकर का भाजपा में प्रवेश, राकांपा को बड़ा झटका Atish Dandegaonkar Joins BJP: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पूर्व मंत्री जयप्रकाश दाँडेगावकर के सुपुत्र आतिश जयप्रकाश दाँडेगावकर करेंगे भाजपा में प्रवेश। कल गुरुवार को मुंबई में आतिश जयप्रकाश दांडेगांवकर का भाजपा में प्रवेश होने जा रहा है। उसके पूर्व बुधवार को मुंबई रवाना होने के पहले आतिश दांडेगांवकर ने बसमत शहर में शक्ति प्रदर्शन किया और अपने सैकड़ो समर्थकों के साथ मुंबई की ओर रवाना हुए। आतिश दाँडेगावकर के पिताजी जयप्रकाश दाँडेगावकर राकांपा में पूर्व सहकार मंत्री रह चुके हैं तथा दो बार विधायक भी रह चुके हैं, बसमत विधानसभा

हिंगोली की राजनीति में उठापटक, एनसीपी के भीतर मची हलचल हिंगोली जिले की राजनीति इन दिनों अचानक सुर्खियों में है। नगर पालिका और जिला परिषद चुनाव नजदीक आने के साथ ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के शरद पवार गुट में बड़ी हलचल देखी जा रही है। स्थानीय स्तर पर ऐसी चर्चा ज़ोरों पर है कि पार्टी के लगभग 90 प्रतिशत पदाधिकारी अजीत पवार गुट में शामिल होने की तैयारी में हैं। मंगलवार, 14 अक्टूबर की शाम से ही यह अफवाहें तेज़ी से फैलने लगीं कि हिंगोली जिले के कई प्रमुख पदाधिकारी अजीत पवार गुट में शामिल होने वाले हैं। यह

हिंगोली की राजनीति में उठापटक, एनसीपी के भीतर मची हलचल हिंगोली जिले की राजनीति इन दिनों अचानक सुर्खियों में है। नगर पालिका और जिला परिषद चुनाव नजदीक आने के साथ ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के शरद पवार गुट में बड़ी हलचल देखी जा रही है। स्थानीय स्तर पर ऐसी चर्चा ज़ोरों पर है कि पार्टी के लगभग 90 प्रतिशत पदाधिकारी अजीत पवार गुट में शामिल होने की तैयारी में हैं। मंगलवार, 14 अक्टूबर की शाम से ही यह अफवाहें तेज़ी से फैलने लगीं कि हिंगोली जिले के कई प्रमुख पदाधिकारी अजीत पवार गुट में शामिल होने वाले हैं। यह

हिंगोली जिले की कृषी उपज बाजार समिती (APMC) में चल रहा विवाद अब पुलिस थाने तक पहुंच गया है। Hingoli APMC Dispute उस समय और गहराया जब प्रशासक के रूप में नियुक्त महिला अधिकारी को धमकाने और शासकीय कामकाज में बाधा डालने के आरोप में 10 पूर्व संचालकों पर केस दर्ज हुआ। चुनावी पृष्ठभूमि और सत्ता समीकरण वर्ष 2023 में हिंगोली APMC चुनाव बेहद चर्चा में रहे। कांग्रेस, भाजपा और दोनों शिवसेना गुटों ने मिलकर ‘संत नामदेव पैनल’ बनाया और 18 में से 10 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं, राकांपा (शरद पवार गुट) समर्थित ‘परिवर्तन पैनल’ ने 6 सीटों

हिंगोली जिले की कृषी उपज बाजार समिती (APMC) में चल रहा विवाद अब पुलिस थाने तक पहुंच गया है। Hingoli APMC Dispute उस समय और गहराया जब प्रशासक के रूप में नियुक्त महिला अधिकारी को धमकाने और शासकीय कामकाज में बाधा डालने के आरोप में 10 पूर्व संचालकों पर केस दर्ज हुआ। चुनावी पृष्ठभूमि और सत्ता समीकरण वर्ष 2023 में हिंगोली APMC चुनाव बेहद चर्चा में रहे। कांग्रेस, भाजपा और दोनों शिवसेना गुटों ने मिलकर ‘संत नामदेव पैनल’ बनाया और 18 में से 10 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं, राकांपा (शरद पवार गुट) समर्थित ‘परिवर्तन पैनल’ ने 6 सीटों

हिंगोली जिले की राजनीति और सहकारिता क्षेत्र में इस समय सबसे बड़ी चर्चा का विषय है – Power Shift in Hingoli Krushi Market। हिंगोली कृषी उपज बाजार समिती (Hingoli Krushi Upaj Bazaar Samiti) का संचालक मंडल महज दो वर्षों में ही बर्खास्त कर दिया गया है और अब इसकी बागडोर सीधे प्रशासक को सौंप दी गई है। यह फैसला न केवल सहकारिता क्षेत्र बल्कि स्थानीय राजनीति में भी हलचल मचा रहा है। राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी विधानसभा चुनावों से जोड़कर देख रहे हैं। विलनीकरण का निर्णय और असर 5 सितंबर को हिंगोली कृऊबा के संचालक मंडल को बर्खास्त कर दिया

हिंगोली जिले की राजनीति और सहकारिता क्षेत्र में इस समय सबसे बड़ी चर्चा का विषय है – Power Shift in Hingoli Krushi Market। हिंगोली कृषी उपज बाजार समिती (Hingoli Krushi Upaj Bazaar Samiti) का संचालक मंडल महज दो वर्षों में ही बर्खास्त कर दिया गया है और अब इसकी बागडोर सीधे प्रशासक को सौंप दी गई है। यह फैसला न केवल सहकारिता क्षेत्र बल्कि स्थानीय राजनीति में भी हलचल मचा रहा है। राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी विधानसभा चुनावों से जोड़कर देख रहे हैं। विलनीकरण का निर्णय और असर 5 सितंबर को हिंगोली कृऊबा के संचालक मंडल को बर्खास्त कर दिया