
महराजगंज जिले में निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने मतदाताओं के साथ सीधा संवाद जारी रखा है। रविवार को भी बिना अवकाश लिए चौथे लगातार दिन जिलाधिकारी ने टेलीफोनिक जनसुनवाई का आयोजन किया। इस दौरान जिले की पांच विधानसभाओं से कुल 23 मतदाताओं ने अपनी समस्याएं साझा कीं। निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष पहचान रिपोर्ट यानी एसआईआर प्रक्रिया की अंतिम तिथि को चार दिसंबर से बढ़ाकर 11 दिसंबर कर दिया गया है ताकि कोई भी पात्र मतदाता इस प्रक्रिया से वंचित न रहे। एसआईआर प्रक्रिया में मिली राहत जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने

महराजगंज जिले में निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने मतदाताओं के साथ सीधा संवाद जारी रखा है। रविवार को भी बिना अवकाश लिए चौथे लगातार दिन जिलाधिकारी ने टेलीफोनिक जनसुनवाई का आयोजन किया। इस दौरान जिले की पांच विधानसभाओं से कुल 23 मतदाताओं ने अपनी समस्याएं साझा कीं। निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष पहचान रिपोर्ट यानी एसआईआर प्रक्रिया की अंतिम तिथि को चार दिसंबर से बढ़ाकर 11 दिसंबर कर दिया गया है ताकि कोई भी पात्र मतदाता इस प्रक्रिया से वंचित न रहे। एसआईआर प्रक्रिया में मिली राहत जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने

उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग द्वारा शुरू किए गए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में अब तक काफी प्रगति हुई है। राज्य भर में मतदाता सूची को अपडेट करने का यह महत्वपूर्ण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। गुरुवार शाम तक प्रदेश में 7.34 करोड़ से अधिक मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन का काम पूरा हो चुका है। यह संख्या कुल मतदाताओं की संख्या का लगभग 48 प्रतिशत है, जो एक सकारात्मक संकेत है। यह अभियान पूरे प्रदेश में एक साथ चलाया जा रहा है और इसका उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह से सटीक और अपडेट बनाना है।

उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग द्वारा शुरू किए गए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में अब तक काफी प्रगति हुई है। राज्य भर में मतदाता सूची को अपडेट करने का यह महत्वपूर्ण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। गुरुवार शाम तक प्रदेश में 7.34 करोड़ से अधिक मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन का काम पूरा हो चुका है। यह संख्या कुल मतदाताओं की संख्या का लगभग 48 प्रतिशत है, जो एक सकारात्मक संकेत है। यह अभियान पूरे प्रदेश में एक साथ चलाया जा रहा है और इसका उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह से सटीक और अपडेट बनाना है।

नेपाल से भारत आई बहुओं के निर्वाचन-पंजीकरण में उलझन पर प्रशासन चुप क्यों भारत और नेपाल के बीच सदियों से रोटी-बेटी का गाढ़ा संबंध रहा है। उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती ज़िलों में तो यह परंपरा आज भी उतनी ही सामान्य और सहज है जितनी दशकों पहले हुआ करती थी। ऐसे में नेपाल से विवाह कर भारत आने वाली बहुएं सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर तो भारतीय परिवारों में पूर्ण रूप से सम्मिलित हो जाती हैं, परंतु सरकारी दस्तावेज़ों और विशेष रूप से निर्वाचन-पंजीकरण के मामले में इनके सामने गंभीर अवरोध उत्पन्न हो रहे हैं। इन बहुओं की सबसे बड़ी समस्या

नेपाल से भारत आई बहुओं के निर्वाचन-पंजीकरण में उलझन पर प्रशासन चुप क्यों भारत और नेपाल के बीच सदियों से रोटी-बेटी का गाढ़ा संबंध रहा है। उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती ज़िलों में तो यह परंपरा आज भी उतनी ही सामान्य और सहज है जितनी दशकों पहले हुआ करती थी। ऐसे में नेपाल से विवाह कर भारत आने वाली बहुएं सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर तो भारतीय परिवारों में पूर्ण रूप से सम्मिलित हो जाती हैं, परंतु सरकारी दस्तावेज़ों और विशेष रूप से निर्वाचन-पंजीकरण के मामले में इनके सामने गंभीर अवरोध उत्पन्न हो रहे हैं। इन बहुओं की सबसे बड़ी समस्या

SIR in UP: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान हुआ तेज़ चार दिसंबर तक पूरा करना होगा कार्य लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान को नई गति दे दी है। इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक मतदान केंद्र क्षेत्र में बीएलओ (बूथ स्तर अधिकारी) को यह दायित्व सौंपा गया है कि वे घर-घर जाकर मतदाता गणना प्रपत्र वितरित करें और उन्हें मौके पर ही भरवाएं। आयोग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चार दिसंबर तक यह कार्य हर हाल में पूरा होना चाहिए। अवकाश में

SIR in UP: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान हुआ तेज़ चार दिसंबर तक पूरा करना होगा कार्य लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान को नई गति दे दी है। इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक मतदान केंद्र क्षेत्र में बीएलओ (बूथ स्तर अधिकारी) को यह दायित्व सौंपा गया है कि वे घर-घर जाकर मतदाता गणना प्रपत्र वितरित करें और उन्हें मौके पर ही भरवाएं। आयोग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चार दिसंबर तक यह कार्य हर हाल में पूरा होना चाहिए। अवकाश में