
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विश्वप्रसिद्ध शिल्पकार और महाराष्ट्र भूषण से सम्मानित डॉ राम सुतार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। 100 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कहने वाले इस महान कलाकार ने भारतीय शिल्पकला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई थी। मुख्यमंत्री ने उनके पुत्र अनिल सुतार से दूरभाष पर बात कर परिवार को सांत्वना दी और इस अपूरणीय क्षति पर संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने शोक संदेश में कहा कि रामभाऊ के निधन से देश ने एक ऐसा प्रतिभाशाली कलाकार खो दिया है जिसने पत्थरों में जान डालने की अद्भुत कला

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विश्वप्रसिद्ध शिल्पकार और महाराष्ट्र भूषण से सम्मानित डॉ राम सुतार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। 100 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कहने वाले इस महान कलाकार ने भारतीय शिल्पकला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई थी। मुख्यमंत्री ने उनके पुत्र अनिल सुतार से दूरभाष पर बात कर परिवार को सांत्वना दी और इस अपूरणीय क्षति पर संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने शोक संदेश में कहा कि रामभाऊ के निधन से देश ने एक ऐसा प्रतिभाशाली कलाकार खो दिया है जिसने पत्थरों में जान डालने की अद्भुत कला

Ram Vanji Sutar: देश की आत्मा को पत्थरों में ढाल देने वाले महान मूर्तिकार राम वंजी सुतार अब हमारे बीच नहीं रहे। 100 वर्षों की लंबी और सृजनशील जीवन यात्रा पूरी कर उन्होंने नोएडा के सेक्टर-19 स्थित अपने निवास पर अंतिम सांस ली। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे राम सुतार के निधन की खबर जैसे ही सामने आई, कला, संस्कृति और शिल्प जगत में शोक की लहर दौड़ गई। आज सेक्टर-94 में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा, जहां उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी। लंबी बीमारी के बाद शांत विदाई राम वंजी सुतार बीते कई दिनों से अस्वस्थ थे। उम्र

Ram Vanji Sutar: देश की आत्मा को पत्थरों में ढाल देने वाले महान मूर्तिकार राम वंजी सुतार अब हमारे बीच नहीं रहे। 100 वर्षों की लंबी और सृजनशील जीवन यात्रा पूरी कर उन्होंने नोएडा के सेक्टर-19 स्थित अपने निवास पर अंतिम सांस ली। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे राम सुतार के निधन की खबर जैसे ही सामने आई, कला, संस्कृति और शिल्प जगत में शोक की लहर दौड़ गई। आज सेक्टर-94 में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा, जहां उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी। लंबी बीमारी के बाद शांत विदाई राम वंजी सुतार बीते कई दिनों से अस्वस्थ थे। उम्र

भारतीय कला और मूर्तिकला जगत के लिए यह एक दुखद दिन है। देश के सबसे प्रसिद्ध और सम्मानित शिल्पकार राम वनजी सुतार का 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया। राम सुतार वही कलाकार थे जिन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण किया था। उनके निधन की खबर से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। कला प्रेमी और राजनीतिक जगत के लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। राम सुतार का जन्म 1930 में महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव में हुआ था। उन्होंने अपने जीवन में 60 वर्षों से अधिक समय तक

भारतीय कला और मूर्तिकला जगत के लिए यह एक दुखद दिन है। देश के सबसे प्रसिद्ध और सम्मानित शिल्पकार राम वनजी सुतार का 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया। राम सुतार वही कलाकार थे जिन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण किया था। उनके निधन की खबर से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। कला प्रेमी और राजनीतिक जगत के लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। राम सुतार का जन्म 1930 में महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव में हुआ था। उन्होंने अपने जीवन में 60 वर्षों से अधिक समय तक