
शिक्षक संगठनों ने टेट की अनिवार्यता पर उठाए सवाल पश्चिम बंगाल में प्राथमिक शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर विवाद एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ऐसी संभावना है कि पश्चिम बंगाल में प्राथमिक टेट का आयोजन इसी साल किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार प्राथमिक शिक्षा बोर्ड ने स्कूल शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर कहा है कि सरकार की मंजूरी मिलने पर वह तीन महीने के भीतर टेट आयोजित कर सकता है। कुछ दिन पहले स्कूल शिक्षा विभाग ने बोर्ड और एसएससी को टेट आयोजित करने के निर्देश दिए थे। शिक्षक संगठनों का विरोध

शिक्षक संगठनों ने टेट की अनिवार्यता पर उठाए सवाल पश्चिम बंगाल में प्राथमिक शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर विवाद एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ऐसी संभावना है कि पश्चिम बंगाल में प्राथमिक टेट का आयोजन इसी साल किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार प्राथमिक शिक्षा बोर्ड ने स्कूल शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर कहा है कि सरकार की मंजूरी मिलने पर वह तीन महीने के भीतर टेट आयोजित कर सकता है। कुछ दिन पहले स्कूल शिक्षा विभाग ने बोर्ड और एसएससी को टेट आयोजित करने के निर्देश दिए थे। शिक्षक संगठनों का विरोध

महाराष्ट्र राज्य में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है। सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णय के बाद राज्य के लगभग छह लाख शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी देना अनिवार्य हो गया है। यह फैसला शिक्षा जगत में हलचल मचा देने वाला साबित हो रहा है। राज्य भर में कार्यरत शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों में इस आदेश को लेकर चिंता और असमंजस का माहौल है। विभिन्न शिक्षक संगठनों ने इस फैसले के खिलाफ आवाज उठाई है और सरकार से इसकी समीक्षा की मांग की है। इसी मुद्दे को लेकर विधान परिषद में गर्मागर्म बहस हुई, जिसमें सदस्यों

महाराष्ट्र राज्य में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है। सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णय के बाद राज्य के लगभग छह लाख शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी देना अनिवार्य हो गया है। यह फैसला शिक्षा जगत में हलचल मचा देने वाला साबित हो रहा है। राज्य भर में कार्यरत शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों में इस आदेश को लेकर चिंता और असमंजस का माहौल है। विभिन्न शिक्षक संगठनों ने इस फैसले के खिलाफ आवाज उठाई है और सरकार से इसकी समीक्षा की मांग की है। इसी मुद्दे को लेकर विधान परिषद में गर्मागर्म बहस हुई, जिसमें सदस्यों