बंगाल में प्राथमिक टेट पर फिर बढ़ा विवाद, तीन महीने में परीक्षा कराने की तैयारी

पश्चिम बंगाल में प्राथमिक टेट को लेकर शिक्षकों का विरोध बढ़ गया है। बोर्ड तीन महीने में परीक्षा कराने को तैयार है जबकि शिक्षक टेट की अनिवार्यता पर सवाल उठा रहे हैं।
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शिक्षक संगठनों ने टेट की अनिवार्यता पर उठाए सवाल
पश्चिम बंगाल में प्राथमिक शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर विवाद एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ऐसी संभावना है कि पश्चिम बंगाल में प्राथमिक टेट का आयोजन इसी साल किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार प्राथमिक शिक्षा बोर्ड ने स्कूल शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर कहा है कि सरकार की मंजूरी मिलने पर वह तीन महीने के भीतर टेट आयोजित कर सकता है। कुछ दिन पहले स्कूल शिक्षा विभाग ने बोर्ड और एसएससी को टेट आयोजित करने के निर्देश दिए थे।
शिक्षक संगठनों का विरोध और प्रदर्शन
बोर्ड के इस कदम के बाद शिक्षकों में असंतोष काफी बढ़ गया है। लोकतांत्रिक तृणमूल कांग्रेस के शिक्षक संगठन ने टेट आयोजित करने पर आपत्ति जताते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन को ज्ञापन सौंपा। वहीं, ‘बंगीय प्राथमिक शिक्षक समिति’ ने विभिन्न जिलों में डीआई कार्यालयों के सामने जोरदार प्रदर्शन किया और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों का एक वर्ग इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहा है।
सामान्य सेक्शन के शिक्षकों की मांग
राज्य के शिक्षकों का कहना है कि सामान्य सेक्शन में नियुक्त शिक्षकों को टेट में बैठने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। उनका आरोप है कि सरकार इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दे रही है। शिक्षकों के अनुसार अन्य शिक्षकों के लिए एनसीटीई की ओर से विशेष छूट का प्रावधान था, लेकिन राज्य सरकार इस पर स्पष्ट रुख नहीं अपना रही है। स्कूल शिक्षा मंत्री ने 14 सितंबर को आदेश जारी करने की बात कही थी जो अब तक जारी नहीं हुआ है।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

