
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक नई अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की स्थापना की है। इस संस्था का मुख्य उद्देश्य दुनिया के संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करना और स्थिरता लाना है। लेकिन इस बोर्ड में पाकिस्तान को शामिल करने के फैसले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा कर दिया है। खासकर इजरायल ने इस फैसले पर सख्त आपत्ति जताई है। गुरुवार को पाकिस्तान को आधिकारिक तौर पर इस बोर्ड का सदस्य बना दिया गया। मूल रूप से यह संस्था गाजा की पुनर्निर्माण योजना के लिए बनाई गई थी। लेकिन अब इसका दायरा बढ़ाकर दुनिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक नई अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की स्थापना की है। इस संस्था का मुख्य उद्देश्य दुनिया के संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करना और स्थिरता लाना है। लेकिन इस बोर्ड में पाकिस्तान को शामिल करने के फैसले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा कर दिया है। खासकर इजरायल ने इस फैसले पर सख्त आपत्ति जताई है। गुरुवार को पाकिस्तान को आधिकारिक तौर पर इस बोर्ड का सदस्य बना दिया गया। मूल रूप से यह संस्था गाजा की पुनर्निर्माण योजना के लिए बनाई गई थी। लेकिन अब इसका दायरा बढ़ाकर दुनिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक ऐसा नक्शा शेयर किया है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस नक्शे में ग्रीनलैंड, कनाडा और वेनेजुएला को अमेरिकी क्षेत्र के रूप में दिखाया गया है। यह नक्शा केवल एक तस्वीर नहीं है बल्कि इसके जरिए ट्रंप ने नाटो सहयोगी देशों के नेताओं का मजाक भी उड़ाया है। ट्रंप का ग्रीनलैंड पर दावा ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर अपनी मांग को एक बार फिर दोहराया है। उनका कहना है कि यह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक ऐसा नक्शा शेयर किया है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस नक्शे में ग्रीनलैंड, कनाडा और वेनेजुएला को अमेरिकी क्षेत्र के रूप में दिखाया गया है। यह नक्शा केवल एक तस्वीर नहीं है बल्कि इसके जरिए ट्रंप ने नाटो सहयोगी देशों के नेताओं का मजाक भी उड़ाया है। ट्रंप का ग्रीनलैंड पर दावा ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर अपनी मांग को एक बार फिर दोहराया है। उनका कहना है कि यह

मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति पिछले कुछ हफ्तों से बेहद गंभीर बनी हुई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की तैयारी में थे, लेकिन आखिरी समय में उन्होंने अपना फैसला बदल दिया। इस बदलाव की कहानी बेहद दिलचस्प है और इसमें कई देशों की भूमिका शामिल है। ईरान पर हमले की तैयारी और अचानक रुकावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकारों को पूरा यकीन था कि ईरान पर हमला होने वाला है। सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और सैन्य योजना भी तैयार थी। लेकिन अचानक स्थिति में बदलाव आया जब ईरान के विदेश

मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति पिछले कुछ हफ्तों से बेहद गंभीर बनी हुई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की तैयारी में थे, लेकिन आखिरी समय में उन्होंने अपना फैसला बदल दिया। इस बदलाव की कहानी बेहद दिलचस्प है और इसमें कई देशों की भूमिका शामिल है। ईरान पर हमले की तैयारी और अचानक रुकावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकारों को पूरा यकीन था कि ईरान पर हमला होने वाला है। सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और सैन्य योजना भी तैयार थी। लेकिन अचानक स्थिति में बदलाव आया जब ईरान के विदेश

Trump Nobel Prize Controversy: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपनी बेबाक टिप्पणियों और विवादास्पद बयानों की वजह से सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने पर गुस्सा जाहिर करते हुए नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे को एक चिट्ठी लिखी है। इस पत्र में ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि जब नॉर्वे की नोबेल समिति ने आठ से ज्यादा युद्ध रोकने के बाद भी उन्हें नोबेल पुरस्कार नहीं दिया, तो अब वह सिर्फ शांति के बारे में सोचने के लिए बाध्य नहीं हैं। यह बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया मोड़

Trump Nobel Prize Controversy: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपनी बेबाक टिप्पणियों और विवादास्पद बयानों की वजह से सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने पर गुस्सा जाहिर करते हुए नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे को एक चिट्ठी लिखी है। इस पत्र में ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि जब नॉर्वे की नोबेल समिति ने आठ से ज्यादा युद्ध रोकने के बाद भी उन्हें नोबेल पुरस्कार नहीं दिया, तो अब वह सिर्फ शांति के बारे में सोचने के लिए बाध्य नहीं हैं। यह बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया मोड़

Pakistan Nuclear Weapons: अमेरिकी गुप्तचर अधिकारी का खुलासा, पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका ने रचा था राजनीतिक खेल नई दिल्ली। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए (CIA) के पूर्व अधिकारी रिचर्ड बार्लो ने पाकिस्तान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उनका कहना है कि 1980 के दशक में अमेरिका की सरकारों ने जानबूझकर पाकिस्तान की परमाणु महत्वाकांक्षा को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने राजनीतिक हितों के चलते पाकिस्तान को न केवल सैन्य सहायता दी, बल्कि उसे ऐसे एफ-16 लड़ाकू विमान भी दिए जिन पर परमाणु हथियार लगाए जा सकते थे। रिचर्ड बार्लो का सनसनीखेज खुलासा

Pakistan Nuclear Weapons: अमेरिकी गुप्तचर अधिकारी का खुलासा, पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका ने रचा था राजनीतिक खेल नई दिल्ली। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए (CIA) के पूर्व अधिकारी रिचर्ड बार्लो ने पाकिस्तान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उनका कहना है कि 1980 के दशक में अमेरिका की सरकारों ने जानबूझकर पाकिस्तान की परमाणु महत्वाकांक्षा को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने राजनीतिक हितों के चलते पाकिस्तान को न केवल सैन्य सहायता दी, बल्कि उसे ऐसे एफ-16 लड़ाकू विमान भी दिए जिन पर परमाणु हथियार लगाए जा सकते थे। रिचर्ड बार्लो का सनसनीखेज खुलासा