
ट्रंप टैरिफ ने बिगाड़ा भारत-अमेरिका व्यापार का संतुलन नई दिल्ली, बिज़नेस डेस्क।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ का सीधा असर अब भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों पर दिखाई दे रहा है। भारत से अमेरिका को होने वाला निर्यात लगातार चौथे महीने घटा है। ताज़ा रिपोर्ट में बताया गया है कि सितंबर 2025 में भारतीय निर्यात 5.5 अरब डॉलर पर सिमट गया, जो अगस्त की तुलना में 20.3% कम है। यह गिरावट सिर्फ एक महीने की नहीं, बल्कि पिछले चार महीनों से लगातार जारी है। मई में जहाँ भारत का निर्यात 8.8 अरब डॉलर था, वहीं

ट्रंप टैरिफ ने बिगाड़ा भारत-अमेरिका व्यापार का संतुलन नई दिल्ली, बिज़नेस डेस्क।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ का सीधा असर अब भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों पर दिखाई दे रहा है। भारत से अमेरिका को होने वाला निर्यात लगातार चौथे महीने घटा है। ताज़ा रिपोर्ट में बताया गया है कि सितंबर 2025 में भारतीय निर्यात 5.5 अरब डॉलर पर सिमट गया, जो अगस्त की तुलना में 20.3% कम है। यह गिरावट सिर्फ एक महीने की नहीं, बल्कि पिछले चार महीनों से लगातार जारी है। मई में जहाँ भारत का निर्यात 8.8 अरब डॉलर था, वहीं

नई दिल्ली।विश्व राजनीति के बदलते समीकरणों के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर ब्रिक्स (BRICS) संगठन पर भड़क गए हैं। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी है कि जो भी देश ब्रिक्स में शामिल होगा, उस पर अमेरिका की ओर से अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। ट्रंप का आरोप है कि यह संगठन अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने की साज़िश कर रहा है। भारत, जो वर्ष 2026 में भव्य ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की तैयारी कर रहा है, ने ट्रंप के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया है कि

नई दिल्ली।विश्व राजनीति के बदलते समीकरणों के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर ब्रिक्स (BRICS) संगठन पर भड़क गए हैं। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी है कि जो भी देश ब्रिक्स में शामिल होगा, उस पर अमेरिका की ओर से अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। ट्रंप का आरोप है कि यह संगठन अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने की साज़िश कर रहा है। भारत, जो वर्ष 2026 में भव्य ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की तैयारी कर रहा है, ने ट्रंप के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया है कि

भारतीय शेयर बाज़ार शुक्रवार (26 सितम्बर 2025) को लगातार छठे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। Sensex और Nifty पर दबाव मुख्य रूप से IT, Pharma और PSU Banks में भारी बिकवाली के कारण देखा गया। दोपहर करीब 1 बजे Sensex 310 अंक गिरकर 80,849.61 पर था, जबकि Nifty 120 अंक फिसलकर 24,770.80 पर आ गया। मार्केट ब्रेड्थ नकारात्मक रही—918 शेयर बढ़त में जबकि 2,695 शेयर लाल निशान में और 122 बिना बदलाव रहे। वेब स्टोरी: कौन बने Top Losers और Gainers? Sun Pharma, Mahindra & Mahindra और IndusInd Bank 3% तक टूटे। वहीं Larsen & Toubro और Tata Motors

भारतीय शेयर बाज़ार शुक्रवार (26 सितम्बर 2025) को लगातार छठे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। Sensex और Nifty पर दबाव मुख्य रूप से IT, Pharma और PSU Banks में भारी बिकवाली के कारण देखा गया। दोपहर करीब 1 बजे Sensex 310 अंक गिरकर 80,849.61 पर था, जबकि Nifty 120 अंक फिसलकर 24,770.80 पर आ गया। मार्केट ब्रेड्थ नकारात्मक रही—918 शेयर बढ़त में जबकि 2,695 शेयर लाल निशान में और 122 बिना बदलाव रहे। वेब स्टोरी: कौन बने Top Losers और Gainers? Sun Pharma, Mahindra & Mahindra और IndusInd Bank 3% तक टूटे। वहीं Larsen & Toubro और Tata Motors

Mohan Bhagwat on US Tariff: नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ को लेकर अपना पक्ष रखा।उन्होंने कहा कि दुनिया में कई देशों को यह डर सताता है – “अगर कोई बड़ा होगा तो मेरा क्या होगा”। इसी मानसिकता के चलते बड़े राष्ट्र अक्सर टैरिफ जैसे आर्थिक अवरोध खड़े करते हैं। भागवत का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारत-अमेरिका व्यापार संबंध वैश्विक सुर्खियों में हैं। अमेरिका ने हाल के वर्षों में भारत के कई उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाया है। वहीं भारत

Mohan Bhagwat on US Tariff: नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ को लेकर अपना पक्ष रखा।उन्होंने कहा कि दुनिया में कई देशों को यह डर सताता है – “अगर कोई बड़ा होगा तो मेरा क्या होगा”। इसी मानसिकता के चलते बड़े राष्ट्र अक्सर टैरिफ जैसे आर्थिक अवरोध खड़े करते हैं। भागवत का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारत-अमेरिका व्यापार संबंध वैश्विक सुर्खियों में हैं। अमेरिका ने हाल के वर्षों में भारत के कई उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाया है। वहीं भारत