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ToggleBihar Politics: बिहार की राजनीति एक बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ी है। लंबे समय से सियासत के केंद्र में रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब एक नए सफर की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, उनके मुख्यमंत्री पद छोड़ने की तारीख लगभग तय हो चुकी है और आने वाले कुछ दिन राज्य की राजनीति की दिशा बदल सकते हैं।
आज दिल्ली रवाना होंगे नीतीश कुमार
बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार आज गुरुवार को पटना से दिल्ली के लिए रवाना होंगे, जहां वे 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। दिल्ली से लौटने के बाद उनका अगला कदम मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना होगा। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि 14 अप्रैल को वे आधिकारिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
करीब दो दशक तक बिहार की सत्ता संभालने के बाद यह पहला मौका होगा जब नीतीश कुमार सक्रिय रूप से दिल्ली की राजनीति में कदम रखेंगे। 2005 के बाद से उन्होंने राज्य की कमान संभाली और कई उतार-चढ़ाव के बीच अपनी पकड़ बनाए रखी। लेकिन अब परिस्थितियां बदलती दिख रही हैं और सत्ता परिवर्तन की पटकथा लगभग तैयार मानी जा रही है।
14 अप्रैल को विधायक दल की बैठक
14 अप्रैल को पटना में एनडीए विधायक दल की बैठक भी बुलाई गई है। माना जा रहा है कि इसी बैठक में Nitish Kumar अपने इस्तीफे का औपचारिक ऐलान कर सकते हैं। इसके बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेजी से शुरू होगी।
अब बिहार में भाजपा!
इस सियासी हलचल के बीच जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी का बयान खास चर्चा में है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अब बिहार में सत्ता की कमान बीजेपी के हाथ में होगी। उनका यह बयान इस मायने में अहम है क्योंकि पहली बार जेडीयू की ओर से इस तरह की स्पष्टता सामने आई है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि अब गठबंधन में बीजेपी बड़े भाई की भूमिका निभाएगी, जबकि जेडीयू सहयोगी दल के तौर पर साथ रहेगा।
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। हालांकि अभी तक पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यही चर्चा सबसे तेज है।
10 अप्रैल को बीजेपी की बैठक
इधर दिल्ली में 10 अप्रैल को बीजेपी नेताओं की एक अहम बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना है। इस बैठक में बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम और सरकार गठन को लेकर मंथन हो सकता है।
अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार हुआ, तो 14 अप्रैल की शाम या 15 अप्रैल तक बिहार में नई सरकार का गठन हो सकता है। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की भी संभावना जताई जा रही है।