Petrol-Diesel Price Today: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर नरमी देखने को मिल रही है। ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई क्रूड दोनों के दामों में गिरावट दर्ज की गई है, जिसका असर देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। शनिवार सुबह सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी किए, जिसमें कुछ शहरों में कीमतें बढ़ी हैं तो कुछ जगहों पर राहत मिली है। हालांकि दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे चारों प्रमुख महानगरों में ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं।
कहीं बढ़ें तो कहीं घटे दाम
सरकारी तेल कंपनियों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पेट्रोल 15 पैसे महंगा होकर 101.88 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है, जबकि डीजल 14 पैसे बढ़कर 95.36 रुपये प्रति लीटर हो गया। वहीं नोएडा के उपभोक्ताओं को राहत मिली है। यहां पेट्रोल 46 पैसे सस्ता होकर 101.96 रुपये प्रति लीटर और डीजल 42 पैसे घटकर 95.44 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम बढ़े हैं। पेट्रोल 17 पैसे महंगा होकर 113.54 रुपये प्रति लीटर और डीजल 18 पैसे बढ़कर 99.54 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
इस बीच, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड करीब 2 डॉलर टूटकर 93.09 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 90.54 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहता है तो आने वाले दिनों में घरेलू बाजार में भी ईंधन कीमतों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम
| शहर | पेट्रोल (रु./लीटर) | डीजल (रु./लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| मुंबई | 111.18 | 97.83 |
| चेन्नई | 108.01 | 99.78 |
| कोलकाता | 113.47 | 99.82 |
| गाजियाबाद | 101.88 | 95.36 |
| नोएडा | 101.96 | 95.44 |
| पटना | 113.54 | 99.54 |
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें प्रतिदिन सुबह 6 बजे अपडेट की जाती हैं। ईंधन की मूल कीमत पर एक्साइज ड्यूटी, वैट, डीलर कमीशन और अन्य शुल्क जुड़ने के बाद उपभोक्ताओं तक अंतिम कीमत पहुंचती है। यही वजह है कि कच्चे तेल के दाम घटने के बावजूद खुदरा कीमतों में तत्काल बड़ी कमी देखने को नहीं मिलती। फिलहाल वाहन चालकों की नजरें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की चाल और आगामी दिनों में संभावित राहत पर टिकी हुई हैं।