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Silver Price Today: नए साल के पहले दिन चांदी के भाव में गिरावट, जानिए आज के ताजा रेट

Silver Price Today: नए साल के पहले दिन चांदी के भाव में गिरावट, जानिए आज के ताजा रेट
Silver Price Today: चांदी ने पकड़ी रफ़्तार, लगातार तीसरे दिन बढ़े दाम, देखिए आज का ताजा भाव

साल 2026 के पहले दिन भारत में चांदी की कीमत 238.90 रुपये प्रति ग्राम और 2,38,900 रुपये प्रति किलोग्राम रही। मामूली गिरावट के साथ बाजार में स्थिरता दिखी है। यह भाव आभूषण खरीदारों और लंबी अवधि के निवेशकों के लिए संकेत देता है।

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Dipali Kumari
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Silver Price Today: नया साल आते ही आम लोगों की नजर एक बार फिर सोने-चांदी के बाजार पर टिक जाती है। भारत में चांदी केवल एक धातु नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी, परंपरा और आस्था से जुड़ी हुई है। आज साल 2026 का पहला दिन है और इसी दिन चांदी की कीमतों को लेकर जो तस्वीर सामने आई है, वह यह बताती है कि बाजार में फिलहाल स्थिरता के साथ हल्की नरमी का दौर चल रहा है।

आज भारत में चांदी का भाव 238.90 रुपये प्रति ग्राम और 2,38,900 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया है। बीते कारोबारी सत्र की तुलना में इसमें मामूली गिरावट देखने को मिली है। प्रति ग्राम 10 पैसे और प्रति किलोग्राम 100 रुपये की कमी भले ही बड़ी न लगे, लेकिन यह बाजार के रुख को समझने के लिए अहम संकेत जरूर देती है।

आज भारत में चांदी के ताजा भाव

साल के पहले दिन जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक, चांदी का भाव 238.90 रुपये प्रति ग्राम रहा। वहीं एक किलोग्राम चांदी की कीमत 2,38,900 रुपये पर पहुंच गई है। यह गिरावट सीमित जरूर है, लेकिन इससे यह साफ होता है कि लगातार उतार-चढ़ाव के बाद बाजार ने फिलहाल संतुलन बना लिया है।

नए साल की शुरुआत में आमतौर पर लोग आभूषणों और निवेश दोनों के लिए चांदी की कीमतों पर नजर रखते हैं। ऐसे में यह हल्की गिरावट उन खरीदारों के लिए राहत बन सकती है, जो लंबे समय से सही मौके का इंतजार कर रहे थे।

भारत के मुख्य शहरों में चांदी के भाव 

शहर10 ग्राम (₹)100 ग्राम (₹)1 किलोग्राम (₹)
लखनऊ2,38923,8902,38,900
जयपुर2,38923,8902,38,900
दिल्ली2,38923,8902,38,900
पटना2,38923,8902,38,900
मुंबई2,38923,8902,38,900
अहमदाबाद2,38923,8902,38,900
पुणे2,38923,8902,38,900
कोलकाता2,38923,8902,38,900
मेरठ2,38923,8902,38,900
लुधियाना2,38923,8902,38,900
गुवाहाटी2,38923,8902,38,900
जलगांव2,38923,8902,38,900
इंदौर2,38923,8902,38,900
कानपुर2,38923,8902,38,900
सूरत2,38923,8902,38,900
नागपुर2,38923,8902,38,900
चंडीगढ़2,38923,8902,38,900
नासिक2,38923,8902,38,900
बैंगलोर2,38923,8902,38,900
अयोध्या2,38923,8902,38,900

भारत में चांदी का सांस्कृतिक महत्व

भारत में चांदी का उपयोग केवल निवेश तक सीमित नहीं है। यह धातु धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराओं का अहम हिस्सा रही है। घरों में पायल, बिछिया, अंगूठी और अन्य आभूषणों के रूप में चांदी का व्यापक इस्तेमाल होता है।

ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी परिवारों तक, चांदी को सुरक्षित धरोहर माना जाता है। यही कारण है कि सोने की तुलना में सस्ती होने के बावजूद, चांदी की मांग हमेशा बनी रहती है।

चांदी और सोने का मूल्य संतुलन

आमतौर पर माना जाता है कि एक किलोग्राम चांदी की कीमत लगभग 15 ग्राम सोने के बराबर होती है। यही संतुलन दोनों धातुओं के बीच निवेशकों को विकल्प देता है। जहां सोना बड़ी पूंजी वाले निवेशकों की पसंद बनता है, वहीं चांदी मध्यम वर्ग के लिए ज्यादा सुलभ विकल्प साबित होती है।

आज के भाव को देखें, तो चांदी उन लोगों के लिए आकर्षक बनी हुई है जो कम पूंजी में भविष्य के लिए सुरक्षित निवेश करना चाहते हैं।

गिरावट के पीछे संभावित कारण

चांदी की कीमतों में आई इस मामूली गिरावट के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं पर दबाव, डॉलर की मजबूती और निवेशकों की सतर्कता इसके मुख्य कारण हैं।

इसके अलावा, साल के अंत और नए साल की शुरुआत में अक्सर बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिलती है। यही प्रवृत्ति चांदी के भाव में भी झलकती है।

आने वाले दिनों में क्या संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी की कीमतों में फिलहाल बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिलेगा। औद्योगिक मांग और आभूषणों की खरीद इसे सहारा देती रहेगी। हालांकि, वैश्विक आर्थिक संकेत और डॉलर की चाल आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा तय करेगी।

नए साल के पहले दिन का यह भाव संकेत देता है कि चांदी बाजार में स्थिरता है और लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह समय रणनीति बनाने का हो सकता है।

आम खरीदार और निवेशक क्या करें

अगर आप आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह हल्की गिरावट आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। वहीं निवेश के नजरिए से देखें, तो चांदी को लंबी अवधि के लिए रखना हमेशा सुरक्षित विकल्प माना गया है।

डिस्क्लेमर: राष्ट्र भारत पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को राष्ट्र भारत की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।